हुज़ूर ﷺ का मुअजिज़ा : घी में बरकत

0
28
Huzur ka Mojza-Ghee mein barkat
Madina
Islamic Palace App

Huzur ka Mojza-Ghee mein barkat

हुज़ूर ﷺ का मुअजिज़ा : घी में बरकत

हज़रत हमज़ह बिन उम्र अस्लमी रज़ि. फरमाते हैं के

गज़व-ए-तबूक के सफर में घी की मशक की ज़िम्मेदारी मेरी थी।

दौरान सफ़र मैं ने उस में से थोड़ा सा घी निकला

और हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के लिए खाना तय्यार किया

और मशक में देखा तो घी बहुत ही कम बचा था।

मैं ने वह मश्क धुप में रख दी और मैं सो गया, अचानक मैं ने घी के बहने की आवाज़ सुनी,

तो मेरी आँख खुल गई, देखा तो घी बह रहा था।

मैं जल्दी से खड़ा हुआ और मशक का मुँह पकड़ लिया

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़र्माया :

“अगर उस को छोड़ देते तो पूरी वादी घी से बहने लगती।”

(दलाइलुन्नुबुव्वह लिल असफहानी : 334, अन हमज़ह बिन अम्र अस्लमी रज़ि.)

(सिर्फ पांच मिनट का मदरसा : सफ़ा न० 725)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

LEAVE A REPLY