एक बार सौराह अल-इखलास पढ़ो और एक तिहाई क़ुरान पढ़ने का सवाब कमा लो क्यूंकि…

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HIJAMA- EK SUNNAT ILAAJ
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Ek baar Surah Al-ikhlas padho aur ek tihaii Quran padhne ka sawab kama lo kyunki.

एक बार सौराह अल-इखलास पढ़ो और एक तिहाई क़ुरान पढ़ने का सवाब कमा लो

एक बार सौराह अल-इखलास पढ़ो और एक तिहाई क़ुरान पढ़ने का सवाब कमा लो क्यूंकि

रसूल-अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया क्या तुम में से कोई इस बात से थक जाता है की हर रात एक तिहाई क़ुरान पढ़ ले?

सहाबा रज़ि अल्लाहु अन्हु माँ ने अर्ज़ किया की तिहाई क़ुरान (एक रात में) कैसे पढ़ सकते हैं?

आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया कुल हुवल्लाहु अहद (सौराह इखलास) एक तिहाई क़ुरान के बराबर है

(सहीह मुस्लिम, 886)

रसूल-अल्लाह (सल्ल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम) हमारे पास आये और फ़रमाया मैं तुम्हारे सामने एक तिहाई क़ुरान पढ़ता हूँ, फिर आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कुल हुवल्लाहु अहद (सौराह अल-इखलास) पढ़ी यहाँ तक की इस सौराह को खत्म किया

(सहीह मुस्लिम, 1889)

حضرت ابو درداء رضی اللہ تعالیٰ عنہ سے اور انھوں نے نبی اکرم صلی اللہ علیہ وسلم سے روایت کی۔آپ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا: کیا تم میں سے کوئی شخص اتنا بھی نہیں کرسکتا کہ ایک رات میں تہائی قرآن کی تلاوت کرلے؟ انھوں ( صحابہ کرام رضوان اللہ عنھم اجمعین ) نے عرض کی: ( کوئی شخص ) تہائی قرآن کی تلاوت کیسے کرسکتاہے؟آپ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا: قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ ایک تہائی قرآن کے برابر ہے
صحیح مسلم ١٨٨٦

حضرت ابو ہریرۃ رضی اللہ تعالیٰ عنہ سے روایت کی،انھوں نے کہا:
رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم باہر نکل کر ہمارے پاس تشریف لائے اور فرمایا: میں تمھارے سامنے تہائی قرآن کی قراءت کرتا ہوں۔ پھر آپ صلی اللہ علیہ وسلم نے قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ ﴿ اللَّهُ الصَّمَدُ پڑھا یہاں تک کہ اسے ( سورت ) کو ختم کردیا
صحیح مسلم ١٨٨٩

आओ हम भी सौराह इखलास पढ़कर ये सवाब कमा लेते हैं

بسم الله الرحمن الرحيم

قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ اللَّهُ الصَّمَدُ
لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ
سورة الإخلاص

अल क़ुरान: कुल हुवल्लाहु अहद अल्लाहुस-समद लम यलीद वा लम युलद वा लम यकुल्लाहू कुफुवान अहद

कह दो वो अल्लाह एक है, अल्लाह बेनीयाज़ है, ना उसकी कोई औलाद है और ना वो किसी की औलाद है, और उसके बराबर का कोई नही है

(सुरह अल-इख्लास (112)

अबू दर्दा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह (सल्ल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया क्या तुम में से कोई इस बात से थक जाता है

की हर रात एक तिहाई कुरान पढ़ ले सहाबा रदी अल्लाहु अन्हुमा ने अर्ज़ किया की तिहाई

(एक रात में) कैसे पढ़ सकते हैं , आप (सल्ल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम)ने फ़रमाया कुल हुवल्लाहु अहद ( सुरह ईखलास ) एक तिहाई कुरान के बराबर है

(सही मुस्लिम , 1886)

अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह (सल्ल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम) हमारे पास आए और फरमाया मैं तुम्हारे सामने एक तिहाई क़ुरान पढता हूँ , फिर आप (सल्ल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने क़ुल हुवल्लाहू अहद

(सुराह अल-इख्लास) पढ़ी यहाँ तक की इस सुरह को ख़तम किया

(सही मुस्लिम, 1889)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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