मिर्गी खत्म करने का क़ुरआनी इलाज

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Mirgi ka Islamic ilaj
QURAN
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Mirgi ka Islamic ilaj hindi mein

मिर्गी खत्म करने का क़ुरआनी इलाज

जो शख्स सौराह सज्दः पारा 21 को लिख कर अपने पास रखे, इन्शा अल्लाह मिर्गी का दौरा नहीं पड़ेगा.

और अगर कोई शख्स मिर्गी से बेहोश हो जाये तो उस के सीधे कान में अज़ान और उल्टे कान में इक़ामत 7 बार करें उसे होश आ जाये गए.

तमाम बिमारियों का इलाज क़ुरान मे मौजूद है. मिर्गी के रोहानी इलाज के लिए 1 गिलास में पानी ले और इस पर सौराह फातिहा, सौराह, सौराह फलक और सौराह नास पढ़ के पानी पर दम कर लें.

इस पानी को मिर्गी के मरीज़ के सर और मौन (mouth) पर छिडकें तो उस को शिफा होगी.

वज़ीफ़ा (for Epilepsy) मिर्गी

जब भी किसी शख्स को मिर्गी का दौरा पड़े या उस पर जिन आ जाये तो फ़ौरन एक गिलास पानी लें

कर उस पर 1 बार सोरह फातिहा, 1 बार आयतुल कुर्सी, 1st five ayates of सोरह जीन फेर कर पानी पर दम करें,

और मिर्गी वालिए शख्स पर उस पानी के छींटे मारें, इंशाल्लाह शिफा हो गी.

Islamic wazifa for Epilepsy (मिर्गी के दौरा का इलाज)

Quranic Treatment of Mirgi

There Is no exact definition of the disease epilepsy.

Whereas it is just a phenomenon due to the discharge of the brain not from spinal cord

but from the cortex which is electric. Whenever some gets

a fit of epilepsy and loses consciousness do this Take some water in a glass.

Read Surah Fatiha 1 time, Ayettal kursi 1 time and Surah Jin 1st five Ayets only.

Blow on the water sprinkles this water on epilepsy patient face and head.

He will wake up immediately.

Spiritual Treatment for Epilepsy Disease In English

Make a an ablution;

Recite the whole Surah #91 Ash-Shams in the ear of the patient.

Do this amal every day till you see cure from the disease.

मिर्गी के ख़ास इलाज के लिए, 1 गिलास में पानी ले कर उस पर सूरा ए फातिहा,

सूरा ए अल-नास और सूरा अल-फलक पहरे और फिर वो पानी उस के सर और मुंह पर छिड़क दे तो इन्शाल्लाह शिफा हो गी.

मिर्गी का क़ुरान से इलाज

वुज़ू बना लीजिये ल, उसके बाद निचे लिखी हुई आयत 1 मर्तबा मरीज़ के कान में पढ़िए.

और ये अमल रोज़ाना कीजिये जब तक मरीज़ को शिफा न मिले.

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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