ख़्वाब की पहली क़िस्म

0
67
khawab ki pehli kism
quran, makkah
Islamic Palace App

ख़्वाब की ताबीर

लेखकः अल्लामा मजलिसी

तरजुमाः अमान अली ज़ैदी

khawab ki pehli kism

ख़्वाब की पहली क़िस्म

यह ख़्वाब सालेह और सादिक़ होता है उसका तअल्लुक़ अंबिया और अईम्माए ताहेरीन (अ. स.) से है

और कभी ये ख़्वाब नेक और सालेह बन्दों को भी देखने मे आता है,

जिसमें किसी मुतवक़्क़े अम्र की जानिब इशारा होता है और ये किसी होने वाले खौफ़नाक अम्र से तहज़ीर होती है या किसी मुफीद और अच्छे अम्र की ताबीर होती है,

कुर्आने मजीद में ख़्वाबों का तज़किरा

कलामे पाक में अंबिया और ग़ैर अंबिया के ख़्वाबों का ज़िक्र मौजुद है जिससे मालूम होता है

के तमाम ख़्वाब बे हक़ीकत नहीं होते बल्कि अकसर औक़ात सालेह और सादिक़ भी होते है जैसा कि सूराए युसूफ में है.

जब हज़रत युसुफ ने अपने बाप से कहा ऐ बाबा में ने ग्याराह सितारों और सूरज और चॉद को (ख़्वाब में देखा है) मैंने देखा है कि ये सब मुझे सज्दह कर रहे हैं,

हज़रत युसुफ के साथ और भी दो जवान आदमी कैंद में दाख़िल हुए उन में से एक ने कहा कि मैंने ख़्वाब देखा है कि मैं शराब बनाने के वास्ते अंगूर निचौड़ रहा हूं

और दूसरे ने कहा कि मैने भी ख्वाब मे अपने को देखा है कि मै अपने सर रोटियां उठाये हुऐ हू

और परिन्दे उसमे से खा रहे है और (युसुफ) हमे इसकी ताबीरल बताईये क्योकि हम तुम को यकीनन नेको कार से समझते है 1

इस ख्नाब की ताबीर ऐ मेरे कैदखाने के दोनो रफीको (अच्छा ताबीर सुनो) तुममे एक (जिसने अंगूर निचोड़ा) अपने मालिक को शराब पिलाने का काम करेगा और दूसरा जिसने सर पर रोटियां देखी,

सूली दिया जायेगा और परिन्दे उसके सर को नोच कर खायेंगें 1 जिस अम्र के मुतअल्लिक तुम दरयाफ्त करते हो उसका फैसला हो गया

(इसी असना मै बादशाह ने भी ख्वाब देखा) और कहा मैने ख्वाब देखा है कि सात मोटी ताज़ी गायें हैं

उनको सात दुबली पतली गायें खाये जाती है और सात ताज़ा सब्ज़ बालियां देखी और सात सूखी बालियां ऐ दरबार के सरदार अगर तुमको ख्वाब की ताबीर देनी आती है

तो मेरे इस ख्वाब के बारे मे हुक्म लगाओ।

इस ख्वाब की ताबीर (कैदखाने से निजात पाने वाला गया और कहा) ऐ बड़े सच्चे युसुफ ज़रा हमे ये तो बताईये कि सात मोटी ताज़ा गायों को सात दुबली पतली गाये खा जाती है और सात बालियॉं है,

हरी सरसब्ज़ और फिर सात सुखी हुई इसकी ताबीर क्या है,

ताकि मै लोगौ के पास पलट कर जाऊं और बयान करूं ताकि भी (तुम्हारी कद्र) मालूम हो जाये,

युसुफ ने कहा कि (इसकी ताबीर ये है) तुम लोग मुतवातिर सात काश्तकारी करते रहो तो जो फसल तुम काटो उसके बाद बड़े खुश्क साली के सात बरस आयेंगे

कि जो कुछ तुम लोगों ने इन सात सालो के वास्ते पहले से जमा कर रखा होगा सब खा जायेंगे मगर कदरे कलील जो तुम बीज के वास्ते बचा कर रखोगे

बस उसके बाद एक साल ऐसा आयेगा जिसमे लोग उस साल उसे शराब के लिये निचोड़ेगें,

तो एक दफा हज़रत इब्राहीम ने कहा कि बेटा (इस्माईल) मै ख्वाब मे (वही के ज़रिये) क्या देखाता हूं

कि मै खुद तुम्हे ज़िब्हा कर रहा हूं तो तुम भी ग़ौर करो इस मे तुम्हारी क्या राय है इस्माईल (अ. स.) ने कहा अब्बा जान जो आपको हुक्म हुआ है,

उसे (बेतअम्मुल) कीजियेगा अग़र खुदा ने चाहा आप मुझे सब्र करने वालो मे पायेगे।

बेशक खुदा ने अपने रसूल कोस सच्चा (मुताबिके वाकआ) ख्वाब दिखायात था कि तुम इन्शाअल्लाह मस्जिदुल हराम (मक्का) मे अपना सर मुडवाकर और थोडे से बाल कटवाकर बहुत अमनो इत्मिनान से दाखिल होगे

और किसी का खौफ न करोगे,

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

 

LEAVE A REPLY