जानिए क्या हैं वुज़ू की सुन्नतें!

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वुज़ू की सुन्नतें

वुज़ू में अठ्ठारह सुन्नतें  हैं। उनको अदा करने से कामिल तरीक़े से वुज़ू  हो  जायगा।


  1. वुज़ू की नीयत करना । मसलन यह कि मैं नमाज़  के मुबाह होने के लिए वुज़ू  करता हूँ ।
  2. बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम पढ़कर वुज़ू करना। बाज़ रिवायत में वुज़ू कि बिस्मिल्लाह इस तरह आई है। (बिस्मिल्लाहिल अज़ीम वल्हम्दु लिल्लाहि अला दिनिल इस्लाम)
  3. दोनो हाथों को पहुँचो तक तीन बार धोना।
  4. मिस्वाक करना।  अगर मिस्वाक न हो तो अंगुली  से दातों  को मलना ।
  5. तीन बार कुल्ली करना।
  6. तीन बार नाक मे पानी  चढ़ाना।
  7. तीन बार ही नाक छिनकना।
  8. हर आज़ा  को तीन -तीन  बार धोना ।
  9. चेहरा  धोते वक़्त दाढ़ी का खिलाल करना।
  10. हाथों  और पैरों को धोते  वक्त अंगुलियों का खिलाल करना ।
  11. एक बार तमाम सर का मसह करना ।
  12. सर के मसह के साथ कानों का मसह करना ।
  13. आज़ा-ए-वुज़ू को मल मल कर धोना।
  14. पै दर पै वुज़ू करना।
  15. तरतीब वार वुज़ू करना।
  16. दाहिनी तरफ़ से पहले धोना।
  17. वुज़ू के बाद कलिमा-ए-सहादत (अशहदु अनलाइलाहा इल्लल्लाहु व अशहदु एना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलहु) पढ़ कर ये दुआ पढ़ें

(अल्लाहुम्मज अलनी मिनतव्वाबीना वज आलमी मीनल मुततहिहरीन)


 

फ़ायदा:– इस दुआ के मुतअल्लिक़ मुल्ला अली ने फ़रमाया कि वुज़ू में ज़ाहिरी तहारत हैं । इस दुआ से बातिनी तहारत की दरखवास्त पेश की गई है। कि अव्वल इख़्तयारी थी जो हम कर चुके अब आप अपनी रहमत से हमारे बातिन को भी पाक फ़रमा दीजिये ।

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