किस तरह के वलीमे से बचना चाहिए जानिए क्या हैं निकाह की सुन्नतें पढ़ें अरबी की साथ दुआ

2
1927
Nikah Ki Sunnatein
Nikah Ki Sunnatein
Islamic Palace App

Click here to Install Islamic Palace Android App Now

Nikah Ki Sunnatein

निकाह की सुन्नतें

1 . मसनून निकाह वह है जो सादा हो, जिसमें हंगामा या ज़्यादा तकल्लुफ़ात और जहेज़ वग़ैरह के सामान का झगड़ा न हो।

2 . निकाह के लिए नेक और सालेह फ़र्द को तलाश करना और मांगनी या पैग़ाम भेजना मसनून है।

3 . जुमे के दिन मस्जिद में और शव्वाल के महीने में निकाह करना पसंदीदह और मसनून है।

4 . निकाह को मशहूर करना और निकाह के बाद छुहारे या खजूर लुटाना या तक़सीम करना सुन्नत है।

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

5 . हस्बे इस्तताअत मेह्र मुकरर्र करना सुन्नत है।

6 . शादी की पहली रात जब बीवी से तन्हाई हो तो बीवी की पेशानी के ऊपर के बाल पकड़ कर यह दुआ पड़े।

وعن عائشة رضي الله عنها قالت‏:‏ كان النبي صلى الله عليه وسلم إذا عصفت الريح قال‏:‏ اللهم إني أسألك خيرها، وخير ما فيها، وخير ما أُرسلت به، وأعوذ بك من شرها، وشر ما فيها، وشر ما أُرسلت به

7 . जब बीवी से सोहबत का इरादा करले तो यह दुआ पढ़ ले वार्ना शैतान का नुतफ़ा भी मर्द के नुतफ़े के साथ अन्दर चला जाता है और औलाद शैतान की खसलतों मे मुबतला होगी। दुआ यह है।

بسم الله اللهم جنبناالشيطان و جنب الشيطان مارزقتنا
तर्जुमा:-  मैं अल्लाह का नाम लेकर यह करता हूँ। ऐ अल्लाह हम को शैतान से बचा और जो औलाद तू हमको दे उसको भी शैतान से दूर रख। इस दुआ को पढ़ लेने से जो औलाद होगी उसको शैतान कभी ज़रर न पहुँचा सकेगा।

8 . वलीमा
शबे ऊरुसी गुज़ारने के बाद अपने अज़ीज़ों, दोस्तों, रिश्तेदारों और मसाकीन को वलीमे का खाना खिलाना सुन्नत है। वलीमे के लिए ज़रूरी नही कि बड़े पैमाने पर खाना तैयार करके खिलाए। थोड़ा खाना हस्बे इस्तताअत तैयार करके दोस्तों अज़ीज़ों वग़ैरह को थोड़ा थोड़ा खिलाना भी अदायगी-ऐ-सुन्नत के लिए काफ़ी है। बहुत ही बुरा वलीमा वो है कि मालदार व दुनियादार लोगों को तो बुलाया जाये मगर। ग़रीब मिस्कीन, मोहताज और दीनदार लोगों को दुतकार दिया जाए। ऐसे बुरे वलीमे से बचना चाहिए। वलीमे में अदायगी-ऐ-सुन्नत की नीयत रखो। दीनदार ग़रीब और मौहताज़ लोगों को बुलाओ। अमीरों में से भी जिसको दिल चाहे बुलाओ मगर ग़रीबों को धक्के न दो। जो वलीमा नामवरी या दिखावे के लिए या लोगों की तारीफ़ के लिए किया जाए उसका कुछ सवाब नहीं बल्कि अल्लाह तआला की नाराज़गी और गुस्से का अंदेशा हैा।

9 . मर्दो के लिए साढ़े चार माशा वज़्न से कम की चाँदी की अंगूठी पहनने की इजाज़त है और सोने की अंगूठी मर्दो के लिए हराम है। औरतों को मेहंदी इस्तेमाल करना सुन्नत है।

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

2 COMMENTS

  1. Hey there! This is my 1st comment here so I just wanted to give a quick shout out and tell you
    I really enjoy reading your articles. Can you recommend any other blogs/websites/forums
    that cover the same topics? Thanks a ton!

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.