पढ़िए ज़कात में सिर्फ सही व तन्दरूस्त जानवर लिए जाने का बयान

1
71
Islamic Palace App

अनस रज़ि. से ही रिवायत है, कि अबू बकर रज़ि. ने उन्हें एक तहरीर लिख कर दी थी, जिसका हुक्म अल्लाह ने अपने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म को दिया था कि ज़कात में बूढ़ी बकरी और ऐबदार जानवर न निकाला जाये और न ही अमरबकरा दिया जाये, हाँ अगर वसूल करने वाला चाहे तो ले सकता है।

(सही बुख़ारी सफा 572)

फायदा : ज़कात के जानवर अगर सब मादा हैं और नस्ल बढ़ाने के लिए नर की ज़रूरत हो तो नर लेने में कोई हर्ज़ नहीं। इसी तरह कोई अच्छी नस्ल ऊंट, गाये या बकरी की ज़रूरत तो नस्ल बढ़ाने के लिए इसे लेना भी जाइज़ है, अगरचे ऐबदार ही क्यों न हो।

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

1 COMMENT

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.