ग़ुस्से के वक्त अपने ऊपर काबू रखो, ग़ुस्सा हराम है

0
79
Islamic Palace App

ग़ुस्सा करने की सज़ा

रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एक. आदमी ने अर्ज़ किया:-

या रसूल अल्लाह ! मुझे कोई ऐसा अमल बतला दीजिये कि जो मुझे जन्नत में ले जाये। आपने फ़रमाया ग़ुस्सा मत करना। बस तेरे लिए जन्नत है। फिर हुज़ूर ने अपने दोस्तों से फ़रमाया कि तुम अपने अन्दर पहलवान किसको समझते हो? अर्ज़ किया गया, जिसको आदमी गिरा न सके। हुजूर ने फ़रमाया वह पहलवान नहीं बल्कि पहलवान वह है जिसको ग़ुस्से के वक्त अपने ऊपर काबू रहे और हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया की दोज़ख में एक ऐसा दरवाज़ा है जिसमें से कोई शख्श दाखिल न होगा मगर जो अल्लाह को नाराज़ करके अपना ग़ुस्सा पूरा करे।

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

फायदा –

अल्लाह व रसूल की नाफ़रमानी देखकर ग़ुस्सा करने तारीफ़ के क़ाबिल है की वह अल्लाहतआला की रज़ा के लिए है और ग़ुस्सा करना दरुस्त है । और फ़रमाया हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने की बाज़ आदमी ऐसे होते हैं की उनको देर में ग़ुस्सा आता है और जल्दी उतर जाता है और बाज़ लोगों को जल्दी आता है और देर में उतरता है। इनमें अच्छा वह है जिसको ग़ुस्सा देर में आये और जल्दी उतर जाये। खूब समझ लो ग़ुस्सा आदमी के दिल में एक आग की चिंगारी है की तुमने उस की आँखों का सुर्ख होना और गर्दन की रगों का फूल जाना देखा होगा। यह आग की गर्मी का असर है। बस जब ग़ुस्से का असर मालूम हो तो आजिज़ी के साथ ज़मीन को लिपट जायें और खयाल करें की खाक में मिल जाऊंगा

हिर्स, ग़ुस्सा बुगाजों कीना, ग़ीबतो मुक्रो फ़रेब,
रात दिन करता है उम्रे बेबक़ा वास्ते।

है तकब्बुर ज़र पे लाहासिल के बाद अंज मार्गबस,
एक ही रास्ता है सब शाहो गदा के वास्ते।

हक़ की नाफ़रमानियों से ज़र पे लाहासिल के बाज़ आ तू बाज़ आ,
आग दोज़ख की भड़कती है सज़ा के वास्ते।

काम दोज़ख के करे और जन्नत का हो उम्मीदवार,
करसे जन्नत तो बना है पारसा के वास्ते।

(बाग़े-जन्नत यानी ख़ुदाई बाग़, सफा न० 103)

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.