उस आदमी की दलील जो कहता है : “ईमान अमल ही का नाम है।”

2
86
Islamic Palace App

अबू हुरैरा रज़ि. से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म से पूछा गया,

कौनसा अमल अच्छा है? आपने फ़रमाया: “अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाना।”

सवाल किया गया : “फिर कौनसा?” आपने फ़रमाया: अल्लाह कि रह में जिहाद करना।

“पूछा गया : “फिर कौनसा?” आपने फ़रमाया: “वह हज जो कुबूर हो।”

फायदे :

हज्जे मबरुर वह हज है जो दिखावे और गुनाहों से पाक हो। इसकी पहचान यह है कि आदमी ज़िन्दगी पहले से बेहतर तरीके पर गुज़रे।

(मुख़्तसर सहीह बुखारी, सफ़ा न० 31)

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

2 COMMENTS

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.