कब्र पर अज़ान देना जाइज़ है या नहीं, जानिए

0
206
Islamic Palace App

कब्र पर अज़ान देना:

जब मुर्दे को कब्र में रखा जाता है और मुंकर नकीर सवाल करते हैं कि तेरा रब कौन है तो शैतान अपनी तरफ़ इशारा करता है कि मैं तेरा रब हूँ।

इसलिए हुक्म है कि मुर्दे की साबित कदमी की दुआ करे। हदीस शरीफ़ वे वारिद है की अज़ान की आवाज़ सुनते ही शैतान भाग जाता है।

उसी अज़ान की बरकत से मैयत को सवालात के जवाबात देने में आसानी होती है कि अज़ान में उन्हीं सवालात के जवाबात होते हैं जिस से मुर्दे को राहत मिलती है।

अज़ान मुंकिरिन के सवालात के लिए मुआविन व मददगार साबित होती है। गोया ज़िन्दा कि तरफ से नफ़अ बख्श इसाले सवाब का तोहफा है।

तअज़ियत:

किसी मुसलमान कि मौत पर दूसरे मुसलमान भाई को जो मैयत के क़राबतदार क़रीबी रिश्तेदार को चाहिए कि मैयत के घर जा कर ताज़ियत करे।

सब्र की तल्कीन करे मरने वाले के हक़ में दुआए इस्तिगार करे कम अज़ कम तीन दिन तक तअज़ियत का हुक्म है।

अगर कोई उज़्र हो तो बाद में भी ताज़ियत की जा सकती है।

सवाब की खातिर पढ़ कर बख्शा भी जा सकता है कि इसाले सवाब पंहुचे और मुर्दे को राहत मिले मुर्दे के हक़ में दुआए खैर करे।

नौहा करना:

मैयत के औसाफ़ बयान करके बुलन्द आवाज़ से रोना से रोना सीना पीटना।

बाल नोचना, मुंह पर तमांचा मारना वग़ैरह यह सब जाहिलीयत के काम हैं।

ख़ुसूसन औरतों में यह बात ज्यादा पाई जाती है इसलिए ख़ास औरतों को सब्र की तल्क़ीन करना चाहिए अगर रोने में आवाज़ बुलन्द न हो तो कोई हरज नहीं अल्लाह तआला हम सब को सब्र की तौफीक अता करे।

ज़ियारते कुबूरे:

ज़ियारते कुबूरे जाइज़ व मुस्तहब है।

हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खुद शुहदाए उहद की ज़ियारत को तशरीफ़ ले जाया करते थे

और उनके हक़ में दुआ भी फरमाते थे आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया क़ब्रों की ज़ियारत किया करो जो दुनिया से बेरगबती का सवाब और आख़िरत की याद दिलाती हैं।

(तारीख़े आलम सफ़ा न० 283)

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.