उर्दू ज़बान में तीन सौ से ज्यादा तरजमे हुए हैं। कुरआन पाक के तराजिम

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कुरआन पाक के तराजिम

कुरआन पाक की बारह सौ से ज़्यादा तफ़्सीर लिखी जा चुकी हैं। उर्दू ज़बान में तीन सौ से ज्यादा तरजमे हुए हैं।

लातीनी ज़बान का सबसे पहला पहला 1543 ई० में सुईटज़लैंड में हुआ।

जर्मनी में सबसे पहले तरजमा प्रोटेस्टेंट ने किया।

रुसी ज़बान में सबसे पहले 1776 ई० में पैंट पेटरजस ने किया।

फार्सी ज़बान में सबसे पहले तरजमा शैख़ सअदी रहमतुल्लाह ने किया।

हिन्दी में तरजमा हिन्दुस्तान में एक राजा महरूम ने किया।

कुरआन मजीद का बंगलादेश में तरजमा 1818 ई० में सिर्फ आख़िर ज़ुज़ (पारा) का तरजमा हुआ।

(तारीख़े आलम सफ़ा न० 69)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

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