कुरआन मजीद में बाज़ परिन्दों का ज़िक्र

0
261
Islamic Palace App

Click here to Install Islamic Palace Android App Now

Quran Majeed Mein Baaz Parindon Ka Zikr

कुरआन मजीद में बाज़ परिन्दों का ज़िक्र

अस्सल्वा:

यह बटेर की तरह एक छोटा सा परिन्दा था, जो हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के दौर में बनी इस्राईल के लिए चालीस साल के लिए आसमान से उतारा था।

अल-बऊस (मच्छर)

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के साथ मुक़ाबले के दौरान नमरूद की नाक के ज़रिये दिमाग में घुसा जिसकी वजह से उसे अपने सर को पीटना पड़ता था,

आखिर पीट-पीट कर उसका मग्ज़ नाक के जरिये बहने लगा और इसी अज़ाब में जहन्नम रसीद हुआ।

अज़्ज़ुबाब:

(शहद की मक्खियां) जो दुरुद पढ़ कर शहद तैयार करती हैं जिसकी वजह से शहद में मिठास पैदा होती है।

अल-अंकबूता (मकड़ी):

जिसने हुज़ूरे करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को मक्का मुअज़्ज़मा से मदीना मुनव्वरा में हिजरत के वक़्त

गारे सौर में क्याम के दौरान ग़ार के मुंह पर जाला बुन डाला था

अल-जिराद (टिड्डी)

जिसकी एक रान च्यूंटी ने हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम के तमाम लश्कर को खिलाई थी।

अल-हुद-हुद (एक परिन्दा):

जिसने हज़रत सुलेमान को बिल्क़ीस की खबर पहुंचाई थी।

अल-गुराब(कव्वा)

जब आदम अलैहिस्सलाम के बेटे क़ाबील ने हबील को mar डाला था, तब अल्लाह तआला के हुक्म से दो कव्वे वहां आए।

एक ने दूसरे को खत्म किया और ज़मीन में गाड़ दिया।

ठीक उसी तरह काबिल ने गढ़ा खोद कर हाबिल को दफनकर दिया कव्वे को गुराब कहते हैं।

अबाबील

जिस वक्त अबरहा कअबतुल्लाह को ढाने की गरज़ से हाथियों की फ़ौज लेकर आया। उस वक़्त अल्लाह तआला की कुदरत से अबाबील परिन्दे अपने पैरों में कंकर लिए हाथियों पर बरसाने लगे। कंकर देखने में तो छोटे थे मगर उनका वज़न मनो का था जिसकी वजह से हाथियों में भगदड़ मच गई और वह भाग खड़े हुए।

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.