जब बच्चा बोलने लगे तो पहले उसे ‘ला इला-ह इल्लल्लाह’ सिखाये और यह आयात भी याद करायें..

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Biwi Se Hum Bistari Ke Irade ke Waqt Ki Dua
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Biwi Se Hum Bistari Ke Irade ke Waqt Ki Dua

बीवी से जमा (हम-बिस्तरी) के इरादे के वक़्त की दुआ, क्यूंकि शैतान का नुत्फ़ा भी…

بسم الله اللهم جنبناالشيطان و جنب الشيطان مارزقتنا
“बिस्मिल्लाही अल्लहुम-म जननिबिनाशशैतान व जननि बिनाशशैता न मारजक्त-ना०”
(Bismillah, Allahumma jannibna-sh-shaitan, wa jannibi-sh-shaitan ma razaqtana)

तर्जुमा –

मैं अल्लाह का नाम लेकर यह काम करता हूँ। ऐ अल्लाह! हमे शैतान से बचा और जो औलाद तू हम को दे, उससे (भी) शैतान को दूर रख।

इस दुआ को पढ़ लेने के बाद उस वक़्त की हम-बिस्तारी से जो औलाद पैदा होगी, शैतान उसे भी नुकसान न पहुंचा सकेगा।

फायदा :

इसको ज़रूर पढ़ना चाहिए क्यूंकि हम-बिस्तारी के वक़्त अल्लाह का नाम न लेने से शैतान का नुत्फ़ा भी मर्द के नुत्फ़े साथ अंदर चला जाता है।

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मनी निकलने पर दिल में यह पढ़ें

ﺍﻟﻠﻬﻢ ﻻ ﺗﺠﻊﻝ ﻟﻠﺸﻴﻄﺎﻥ ﻓﻴﻤﺎ ﺭﺯﻗﺘﻨﻲ ﻧﺼﻴﺒﺎ

“अल्लाहुम्मा ला ताज’अल लिश शैतानी फीमा राजकतनी नसीबा”

(Allaahumma laa taj’Al lish shayTaani feemaa razaqtanii naSeebaa)

तर्जुमा – ऐ अल्लाह! जो औलाद तू मुझे दे, उसमे शैतान का कुछ हिस्सा न कर।

फायदा –

सातवें दिन बच्चे का नाम रखे और अक़ीक़ा करे।

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फायदा –

जब बच्चा पैदा हो तो अल्लाह ताला के किसी नेक बन्दे के पास ले जाये और उससे बरकत की दुआ कराये और ख़जूर या छुहारे या कोई और चीज़ उससे चबवा कर बच्चे के मुंह में डलवाए।

फायदा –

जब बच्चा बोलने लगे तो पहले उसे ‘ला इला-ह इल्लल्लाह’ सिखाये और यह आयात भी याद कराये-

“व कुल्लिल हम्दु लील-लाहील-लज़ी लम यात-तखिज़ वलदंव वलम यकुल लहू शरीकुन फिल मुल्की वलम यकुल लहू वलियुम मं-ज़्ज़ुल्ली व कब्बिरहु तकबियरा”

(wa qulil Hamdu lil-laahil-ladhiy lam yat-takhidh waladaw walam yakul lahuu shariykun fiyl mulki walam yakul lahuu waliy-yum minadh dhul-li wa kab-birhu takbiyraa)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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