सहरी और नमाज़ में कितना वक्त होता है जानिए

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Fajr Ki Namaz Ke Waqt
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Fajr Ki Namaz Ke Waqt

फज़्र की नमाज़ के वक्त।

अनस रज़ि. से रिवायत है कि उनसे जैद बिन साबित रज़ि ने हदीस बयान कि

की सहाबा- ए-किराम रज़ि ने एक बार नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ सहरी खाई,

फिर नमाज़ के लिए खड़े हो गये मैंने उनसे पूछा कि (सहरी और नमाज़) इन दोनों कामों में कितना वक्त था,

उसने जवाब दिया कि पचास या साठ आयतों कि तिलावत के बराबर।

फायदे

इस हदीस से यह भी साबित हुआ कि सहरी देर से खाना सुन्नत है। जो लोग रात ही में खाकर सो जाते हैं।

वह सुन्नत के खिलाफ करते हैं।

सहल बिन सअद रज़ि से रिवायत है उन्होंने फरमाया कि मैं अपने घर वालों के साथ बैठ कर सहरी खाता,

फिर मुझे जल्दी पड़ जाती कि मैं फज्र कि नमाज़ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सात अदा करूँ।

फायदे

इससे मालूम हुआ कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम

फज़्र कि नमाज़ सुबह सवेरे ही पढ़ लिया करते थे। जिन्दगी भर आपका यही अमल रहा।

(औनुलबारी1/657)

(मुख़्तार सहीह बुख़ारी, सफ़ा न 280)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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