इशा की नमाज़ में देरी करना कैसा है जानिए

0
1202
Isha Ki Namaz Ki Fazilat
Bachche par naiki ke asrat kaise hon?
Islamic Palace App

Isha Ki Namaz Ki Fazilat

इशा की नमाज़ की फजीलत।

आइशा रज़ि से रिवायत है कि उन्होंने फ़रमाया कि

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक नमाज़ों के वक्तों का बयान रात इशा कि नमाज़ में देर कर दी।

यह वाक्य इस्लाम के फ़ैलाने से पहले का है। आप अभी घर से तशरीफ़ नहीं लाये थे

कि उमर रज़ि ने आकर अर्ज किया कि औरतें और बच्चे सो रहे हैं।

तब आप बाहर तशरीफ लाये और फरमाया जमीन वालों में तुम्हारे अलावा कोई भी इस नमाज़ का इन्तिजार करने वाला नहीं है।

फायदे-

मालूम हुआ कि इशा कि नमाज़ में देर करना एक पसन्दीदा अमल है।

खुद रसूलु सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तिहाई रात गुजरने पर इशा पढ़ने कि ख्वाहिश जाहिर कि।

अबू मूसा रज़ि से रिवायत है उन्होंने फरमाया कि मैं

और मेरे साथी जो कश्ती में मेरे साथ थे, बुत्हा कि बादी में ठहरे हुए थे, जबकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना मुव्वारा में ठहरे हुए थे।

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

तो उनसे एक गिरोह बारी बारी हर रात इशा कि नमाज़ के वक्त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कि खिदमत में हाजिर होता था।

इत्तेफाक से एक बार हम सब यानी मैं और मेरे साथी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गये। चूँकि आप किसी काम में लगे हुए थे।

इसलिए इशा कि नमाज़ में आपने देर कि। यहाँ तक कि आधी रात गुजर गयी।

उसके बाद नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बाहर तशरीफ लाये और लोगों को नमाज़ पढ़ायी।

नमाज़ से फारिग होने के बाद मौजूद लोगों से फरमाया कि इज्जत

और सुकून के साथ बैठे रहो और खुश हो जाओ क्योंकि अल्लाह तआला का तुम पर एहसान है कि

तुम्हारे सिवा कोई आदमी इस वक्त नमाज़ नहीं पढ़ता या इस तरह फरमाया कि तुम्हारे अलावा इस वक्त किसी ने नमाज़ नहीं पढ़ी।

मालूम नहीं इन दोनों जुल्मों में से कौनसा जुम्ला आपने इरशाद फरमाया।

अबू मूसा रज़ि फरमाते। अबू मूसा रज़ि फरमाते हैं

कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से यह बात सुनकर हम ख़ुशी ख़ुशी वापिस लौट आये।

(मुख़्तार सहीह बुख़ारी, सफ़ा न 275)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.