जानिए नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का पानी पीने का तरीका क्या था

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Sunnah of drinking Water
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Sunnah of drinking Water

Sunnah of drinking Water : Drink water and sit down. See the water and drink. Read Bismillah with the right hand and drink three breaths.

When you drink water then say alhamdillullah Do not take large group chunks after sucking water.

Do not throw the water left after drinking it, that Israf is yellow to give someone else that Hadith Sharif has come in: that is the chaff in Momin’s juices.

The remaining water of Abkhazam or Wuzu is standing in the water and it is Sunnah that gives water to the others,

if you drink water or sorbet or tea in a mazlil then start with the right hand first.

The people (sallallahu alaihi wasallm) liked the sweet mashruab, and besides you, you used to drink water in glass, clay or wooden utensils.

(Tareekhe Alam, Safa No 0395)

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Hindi Translation

पीने की सुन्नतें

पानी बैठ कर पिए। पानी देख कर पिए। दाएं हाथ से बिस्मिल्लाह पढ़ कर तीन सांस में पिए।

जब पानी पी चुके तो अल्हम्दुलिल्लाह कहे। पानी चूस कर पिए गट-गट बड़े-बड़े घुट न ले।

पीने के बाद बचा हुआ पानी हरगिज़ न फेंके कि इसराफ़ है किसी और को पीला दे कि हदीस शरीफ़ में आया है कि: मोमिन के जूठे में शिफ़ा है।

अाबे ज़मज़म या वुज़ू का बचा हुआ पानी खड़े हो कर पीना सुन्नत है जो दूसरों को पानी पिलाए बह आख़िर में पिए अगर किसी मज्लिस में पानी या शर्बत या चाय तक़्सीम करे तो पहले दाएं हाथ की जानिब से शुरू करे।

सरकारे मदीना (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को मीठा मशरूब बेहद पसन्द था उसके अलावा आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) अक्सर कांच, मिट्टी या लकड़ी के बर्तन में पानी पिया करते थे।

(तारीख़े आलम, सफ़ा न०395)

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये

और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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