बच्चों की गवाही और उनके बालिग होने का बयान।

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Bachche ki Gawahi or unke balik hone ka bayan
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Bachche ki Gawahi or unke balik hone ka bayan

बच्चों की गवाही और उनके बालिग होने का बयान।

इब्ने उमर रज़ि से रिवायत है कि

वो उहुद के दिन रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के सामने पैश हुये थे उस वक्त चौदह बरस के थे,

वो कहते हैं कि आपने मुझे शिरकत कि इजाजत न दी।

फिर मुझे खन्दक के दिन अपने सामने बुलाया,

उस वक्त मैं पन्द्रह बरस का था तो आपने मुझे लश्कर में शिरकर कि इजाजत दे दी।

फायदे:

औरतों के लिए जवान होने की निशानी हैज और मर्दों के लिए एहतलाम (नाइट फाल) है या कम से कम चांद के महीनों के ऐतबार से पन्द्रह साल का हो जाये।

(औनुलबारी , 3/263)

(मुख्तसर सही बुखारी सफ़ा न० 931)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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