एक अहेम अमल की फ़ज़ीलत कुरआन की तिलावत करना

0
198
Accept good Sohbat work is way of islam
Madarsa
Islamic Palace App

Ek ahem amal ki fazilat Quran ki tilawat karna

एक अहेम अमल की फ़ज़ीलत कुरआन की तिलावत करना

रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़र्माया:

शरीफ़ की तिलावत किया करो,

इस लिए के कयामत के दिन यह अपने साथी (यानी पढ़ने वाले) की शफ़ाअत करेगा।

(मुस्लिम:1874, अन अबी उमामा रज़ि.)

(सिर्फ पांच मिनट का मदरसा, सफ़ा न० 716)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.