कुफ्र और शिर्क के बाद सबसे बड़ा गुनाह क्या है जानिए

0
116
Deen mein nayi baat nikalne wala mardood hai
Makkah
Islamic Palace App

Click here to Install Islamic Palace Android App Now

Deen mein nayi baat nikalne wala mardood hai

दीन मे नई बात निकालने वाला मरदूद है

इरशाद फ़रमाया रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कि-

जो आदमी कोई ऐसी बात निकाले जो हमारे दीन और शरीयत में न हो तो वह नई बात निकालने वाला मरदूद है।

(बुख़ारी शरीफ़ व मुस्लिम शरीफ़)

फायदा

इस हदीस शरीफ़ से मालूम हुआ कि जिस बात या जिस मसले का हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के कौल व फ़ेल से सबूत न हो

और उसको कोई निकाले तो वह अमल करने के क़ाबिल नहीं।

इसको बिदअत कहते हैं और बिदअत कुफ्र व शिर्क के बाद सबसे बड़ा गुनाह है।

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शरीयत में चार उसूल ऐसे हैं कि चारों में से अगर किसी बात का या किसी मसले का सबूत हो तो अमल करने के काबिल है।

एक क़ुरआन मजीद, दूसरे हदीस शरीफ, तीसरे मुज्तहदीन यानि इमामों की राय,

चौथे इज्माह-ए-उम्मत यानि सब मुसलमानों का उस पर इत्तफ़ाक़ हो।

बस सच्चे ईमान की बात यह है कि जब तक पूरा इल्म और समझ न हो तो दीन कि बातों में दखल न दें

और लोगों को ग़लत रास्ते पर डाला और ग़लत मसला बतलाया तो ख़ुदा तआला की कचहरी में वह पिटाई होगी कि दुनिया की सब बड़ाई ख़ाक में मिल जायेगी

(बाग़े-जन्नत यानि ख़ुदाई बाग़, सफ़ा न० 327)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.