मज़लूम की मदद करने की बुज़ुर्गी

0
109
helping of mazloom
Islamic Palace App

Click here to Install Islamic Palace Android App Now

Helping of mazloom

Helping of mazloom : The Messenger of Allah (Sallallahu Alaihi Wasallam) said,

The person who helps the mazloom, Allah Taala will have a proven measure on the bridge.

In such a situation that the steps of the people will slip on him. mazloom that the helpers will cross over easily with the help of the bridge, and if they do not help,

even if they do not get help, they will be killed in the grave. The one who helps the oppressor is also unjust.

But it is inordinate to help the oppressor so that the oppressor does not allow oppression.

It will help both the oppressor and the mazloom.

 (Baghe Jannat yani Khudai Bagh, Safa no 73)

Follow Us

Click here to like our Facebook page …

Thank you very much for all of you to like ISLAMIC PALACE. If you do not like it, then, to get rid of all the important issues related to this kind of oppression and Islam, definitely, please attach to this page the Islamic Palace, and send as many people as possible through share. thank you


Hindi Translation

मज़लूम की मदद करने की बुज़ुर्गी

रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया कि-

जो शख़्स मज़लूम की मदद करता है, अल्लाहतआला उसको पुलसिरात पर साबित क़दम रक्खेगा।

ऐसे हाल में कि लोगों के कदम उस पर फिसलेंगे। मज़लूम कि मदद करने वाला पुलसिरात से आसानी के साथ पार हो कर जन्नत में दाख़िल हो जायेगा

और जिसने क़ुदरत होते हुए भी मज़लूम कि मदद न की तो कब्र में उसके आग के सौ कोड़े मारे जायेंगे। ज़ालिम की मदद करने वाला भी ज़ालिम है।

लेकिन ज़ालिम की मदद करना इस तरह दरुस्त है कि ज़ालिम को ज़ुल्म न करने दे। उसमें ज़ालिम और मज़लूम दोनों कि मदद होगी।

(बाग़े-जन्नत यानि ख़ुदाई बाग़, सफ़ा न० 73)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.