नमाज़ की तरह नमाज़ के बाहर भी हमारा बदन अल्लाह के हुक्म के मुताबिक इस्तेमाल हो

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Fazilat of Sawab who Talk About Allah
Namaz
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Like the prayer our body should be used as per the order of Allah

Like the prayer our body should be used as per the order of Allah

Now, when you read Namaz with this meditation,

then we will enjoy the prayer inside.

I say that within the world, there is no joy and no fun inside the prayer.

As we used to use our body according to the saying of Allah in prayer,

then when we go out of Namaz, then there are Allah’s prisoners.

In our business and inside the house, our body will be used according to Allah’s will.

And then this thing should be brought in to others.

So that their bodies may also be used according to Allah’s saying.

(Dawat and Tablig, Safa No. 143)

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Hindi Translation

नमाज़ की तरह नमाज़ के बाहर भी हमारा बदन अल्लाह के हुक्म के मुताबिक इस्तेमाल हो

तो अब इस ध्यान से जब नमाज़ पढ़ेंगे तो हमें नमाज़ के अन्दर कितना मज़ा आएगा।

मैं कहता हूँ कि दुनिया कि किसी चीज़ के अन्दर वह लुत्फ़ और मज़ा नहीं है जो नमाज़ के अन्दर है।

जैसे हमने अपने बदन को नमाज़ में अल्लाह के कहने के मुताबिक इस्तेमाल किया तो जब नमाज़ से बाहर जाएँ तो वहां पर भी अल्लाह के बन्दे हैं।

कारोबार के अन्दर और घर के अन्दर भी हमारा बदन अल्लाह के कहने के मुताबिक इस्तेमाल हो।

और फिर दूसरों के अन्दर भी यह बात लाई जाए।

ताकि उनका बदन भी अल्लाह के कहने के मुताबिक इस्तेमाल हो।

(दावत व तब्लीग, सफ़ा न० 143)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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