जानिए, जलजलों (भूकम्पों) और कयामत की निशानियों के बारे में जो आया है।

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About earthquakes and doom traces that came about
Makkah
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About earthquakes and doom traces that came about

About earthquakes and doom traces that came about :


Hindi Translation

जलजलों (भूकम्पों) और कयामत की निशानियों के बारे में जो आया है।

इब्ने उमर रज़ि. से रिवायत है की

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया,

ऐ अल्लाह हमारे शाम और यमन में बरकत दे,

लोगों ने कहा हमारे नज्द के लिए भी बरकत की दुआ फरमायें

तो आपने दोबारा कहा

ऐ अल्लाह! शाम और यमन को बरकत वाला बना दे,

लोगों ने फिर कहा और हमारे नज्द के लिए भी बरकत की दुआ फरमायें

तो आपने फ़रमाया, वहां जलजले और फितने होंगे और शैतान का गिरोह भी वही होगा।

फायदे:

रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फितनों की जमीन की पहचान बतलाते वक़्त पूर्व की तरफ इशारा फ़रमाया,

इससे मालूम होता है कि उससे मुराद इराकी नज्द है,

जो फितनों कि जगह है इस इलाके से मुसलमानों के अन्दर गिरोहबन्दी

और इख़्तिलाफ़त लगातार शुरू हुआ जो आज बाकी है।

इससे मुराद नज्द हिजाज नहीं, जैसा कि बिदअती कहते हैं

क्योंकि इस इलाके से एक ऐसी तहरीक उठी, जिसने खुलफ़ा-ए-शशिदीन कि याद को ताजा कर दिया,

वहां से शैख़ मुहम्मद बिन अब्दुल बहाब ने सिर्फ इस्लाम कि दावत कि शुरुआत की, जिसके नतीजे में वहां नज्दी हुकूमत कायम हुई।

इस सऊदिया की हुकूमत ने इस्लाम की बुलन्दी और मक्का मदीने के लिए ऐसे कारनामें अनजाम दिये हैं जो इस्लामी दुनिया में हमेशा याद किये जायेंगे।

(मुख़्तसर सही बुखारी, सफ़ा न० 425)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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English Translation

Ibne Omar Razi Narrated that The Prophet (Sallallahu alaihi wasallam) said,

“O Allah, give us barkat in evening and Yemen,

people said pray for our Nazd,

then we will say,

” O Allah! ” Make the evening and Yemen barkat,

the people said again pray for our Nazd,

then prophet (sallallahu alaihi wasallam) said there will be burning fire, and the devil’s gang will be also there.

Advantages:

Rasulullah (Sallallahu alaihi wasallam) pointing out the identities of the land of the tribes,

it is known that means is an Iraqi nazd,

which is in the place of the fitna, from this region, the mobilization and inhumanity of the Muslims started continuously.

Which is the rest today. This does not mean that he is not a Najd hijaz,

as Bidati is called because a terrorist came from this area,

who made the remembrance of Khulfa-e-Shashidin fresh,

from where Sheikh Mohammed bin Abdul Bahab started the feast of Islam only.

As a result, there was a Najdi rule. The authority of this Saudia has provided such exploits for Islam’s bulandi and Mecca Medin,

which will always be remembered in the Islamic world.

(Mukhtasar Sahi Bukhari, Page No. 425)

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