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How far is the prayer done to the prayer
Namaz
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How far is the prayer done to the prayer

How far is the prayer done to the prayer

Abu Huraira Razi narrate that the Prophet (sallallahu alaihi wasallam) said

That the woman believes in Allah, on the day of Imaan and the doom,

do not justify it for one night, in this solution,

decide that there should not be such a man with him Her widow’s heart

Benefits:

From this,

Imam Bukhari proved that

it is necessary for the distance to be reduced to at least one which can be fixed in one day and night,

there are about twenty questions in this matter,

the better thing is that in every journey,

Which is usually called a journey,

in the hadith it has been done with three ranges,

which is equal to nine miles. (And Allah Knows better)

(Mukhtasar Sahi Bukhari: Page No. 443)

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कितनी दुरी पर नमाज़ को कसर किया जाये।

अबू हुरैरा रज़ि. से रिवायत है,

उन्होंने कहा की नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया

जो औरत अल्लाह पर ईमान और कयामत के दिन पर यकीन रखती है,

उसे जाइज नहीं की एक दिन रात की दुरी इस हल में तय करे की उसके साथ ऐसा आदमी न हो,

जिससे उसका निकाह हराम हो।

फायदे:

इससे इमाम बुखारी ने यह साबित किया

की कसर के लिए दुरी का कम से कम इतना होना जरुरी है जो एक दिन और रात में तय हो सके,

इस मसले में लगभग बीस कौल हैं,

बेहतर बात यह है की हर सफर में कसर की जा सकती है,

जिसे आम तौर पर सफर कहा जाता है,

हदीस में इसकी हद तीन फरसंग से की गई है,

जो नौ मील के बराबर है। (और अल्लाह बेहतर जनता है।)

(मुख़्तसर सही बुखारी सफ़ा न० 443)

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