सदक़ा मालदारों से वसूल करके फकीरों पर खर्च किया जाये चाहे वह कहीं हो जानिए

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Recover Sadaqa from rich should be spent on the beggar

Recover Sadaqa from rich should be spent on the beggar, whether it is anywhere

The hadith of Muaaz razi (702,739) and the sending of them to Yemen has been the first statement.

There is so much in this rivayat that scare away from Curse of Mazloom,

because there is no barrier between him and Allah.

Advantages:

In this hadith it is an imprint that zakat should be collected from rich and divided into beggar.

Imam Bukhari thinks it normal that one country can send zakat to another country.

While the other Muhadsin does not coincide with it,

if it is more than required, then it can be sent to another city.

(Mukhtasar sahi Bukhari, Safa No. 592)

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Hindi Translation

सदक़ा मालदारों से वसूल करके फकीरों पर खर्च किया जाये चाहे वह कहीं हो

मुआज़ रज़ि. के हदीस (702,739) और उनको यमन भेजने की बात पहले बयान हो चुकी है। इस रिवायत में इतना ज्यादा है कि मजलूम कि बद-दुआ से डरना, क्योंकि उसके और अल्लाह के बीच कोई आड़ नहीं।
फायदे: इस हदीस में यह अलफाज है कि ज़कात मालदारों से वसूल करके फकीरों में बांट दी जाये। इमाम बुखारी इसे आम खयाल करते हैं कि एक मुल्क कि ज़कात दूसरे मुल्क भेजी जा सकती है। जबकि दूसरे मुहद्सीन इससे इत्तेफाक नहीं करते, हाँ अगर मकामी तौर पर जरुरत से ज्यादा हो तो उसे दूसरे शहर में भेजा जा सकता है।

(मुख़्तसर सही बुखारी, सफ़ा न० 592)

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