खुल्द से निकलने के बाद हज़रत हव्वा को 10 सज़ाएं सुनाई गई जो आज भी औरतों पर लाज़मी है

0
138
Ten Punishment gives to Hazrat Hawwa After she leave the KHULD
Namaz
Islamic Palace App

Click here to Install Islamic Palace Android App Now

Ten Punishment gives to Hazrat Hawwa After she leave the KHULD

Ten Punishment gives to Hazrat Hawwa After she leave the KHULD:

  1. Your daughters will have to face ta-age troubles.
  2. You and your daughters will stay away from worshiping each months for a few days in a napak condition.
  3. During the attack, there will be frequent physical and spiritual problems.
  4. The men will always be frail.
  5. The man will be known as a scapegoat so that he does not become a woman’s prince.
  6. On a cold day, a period (on the day of reckoning) will remain with the world’s majesty.
  7. In Miras, the share of a man with a lower part of the male will be reduced.
  8. In the match against the man, weak in martyrdom and the pagmari with the Mahruamy.
  9. Namaz Juma, Eid and Jihad will not be able to join. Because of that, it will be worthless.
  10. There will be less strength, respect and untimeliness in the match against men.

(Tareekhe Alam, Page No 76)

Follow Us

Click here to like our Facebook page …

Thank you very much for all of you to like ISLAMIC PALACE. If you do not like it, then, to get rid of all the important issues related to this kind of oppression and Islam, definitely, please attach to this page the Islamic Palace, and send as many people as possible through share. thank you


Hindi Translation

खुल्द से निकलने के बाद हज़रत हव्वा को 10 सज़ाएं सुनाई गई

  1.  तुम्हारी बेटियों को ता-उम्र मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।
  2.  तुम और तुम्हारी बेटियां हर माह कुछ दिन हैज़े निफ़ास (नापाकी) की हालत में इबादत से महरूम रहेंगी।
  3.  वज़अ हमल के वक़्त बार-बार जिस्मानी, रूहानी तकलीफ़ उठानी पड़ेंगी।
  4.  मर्द की हमेशा महरूम बन कर रहेंगी।
  5.  मर्द को तलाफ़ का अख़्तियार होगा ताकि वह औरत का महकूम बन कर न रहे।
  6.  तलाफ़ या बेवा होने पर एक मुद्दत (इद्दत के दिन) दुनिया की लज़्ज़त से महरुम रहेंगी।
  7.  मीरास में मर्द के मुक़ाबले औरत का हिस्सा कम होगा।
  8.  मर्द के मुक़ाबले में शहादत में कमज़ोर और पैग़म्बरी से महरूमी।
  9.  नमाज़े जुमा, ईदेन और जिहाद में शरीक नहीं हो सकेंगी। जिसकी वजह से सवाब से महरूम रहेंगी।
  10.  मर्द के मुक़ाबले में ताकत, इज़्ज़त व अज़मत कम रहेगी।

(तारीख़े आलम, सफ़ा न० 76)

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.