हर इनसान की चार मन्ज़िलें हैं वो जानिए कौन-कौन सी होती हैं पढ़ें और शेयर करें

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Every man has four destinations
makkah
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Every man has four destinations

Every man has four destinations

हर इनसान की चार मन्ज़िलें हैं

मेरे मोहतरम दोस्तों और बुजुर्ग़े! हर इनसान की चार मन्ज़िलें हैं।

एक मन्ज़िल तो माँ के पेट की है। दूसरी मन्ज़िल दुनिया के पेट की है।

तीसरी मन्ज़िल कब्र के पेट की है और चौथी आख़िरत की है। ये चार मन्ज़िलें हर इनसान की हैं।

माँ के पेट के अन्दर तो अल्लाह पाक ने इनसान का बदन बनाया और उसमें रूह डाली, तंग जगह में और अँधेरे के अन्दर।

दुनिया के पेट के अन्दर अल्लाह पाक ने इनसान को इस लिए भेजा ताकि क़द्र-दानी वाले रास्ते पर चले और नाक़द्री वाले रास्ते को छोड़े दे।

अल्लाह पाक की उसके ऊपर जो मेहरबानियां हैं उनकी क़द्र पहचाने और अल्लाह की बात मानता हुआ दुनिया से जाए।

(दावत व तब्लीग, सफ़ा न० 30)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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English Translation

Every man has four destinations

My fascinating friends and the elderly!

Every person has four destinations. A destination is a mother’s belly.

The second destination is of the stomach of the world.

The third destination is in the grave of the abdomen

and the fourth is the AAkhirat.

These four manzils belong to every person. In the womb of Mother,

Allah Pak made the body of human beings and put the soul in it, in a tight place and in darkness.

Inside the stomach of the world,

Allah Pak has sent the human being so that he will walk on the path of devoted and leave the path of the hooligans.

Recognizing the position of Allah, the peace of Allah on him, and accepting the word of Allah, go from the world.

(Dawat and Tabligue, Page No. 30)

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