अल्लाहतआला से डरने की बुज़ुर्गी पढ़ें और शेयर के

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The buzurgi of fear of Allah
Allah
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The buzurgi of fear of Allah

The buzurgi of fear of Allah

अल्लाहतआला से डरने की बुज़ुर्गी

रसूल अल्लाह(सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया कि-

एक आदमी ने कभी कोई नेक काम नहीं किया था।

उसने अपने घरवालों से कहा कि जब मैं मर जाऊँ तो मुझको जलाकर मेरी आधी राख जंगल में बिखेर देना और आधी दरिया में बहा देना।

खुदा की क़सम अगर खुदा ने मुझको पकड़ लिया तो मुझको ऐसी सज़ा देगा कि तमाम जहान में ऐसी सज़ा किसी को न मिली होगी।

फिर जब वह आदमी मर गया तो उसके घरवालों ने उसके कहने के मुवाफ़िक़ किया।

अल्लाहतआला ने जंगल को और दरिया को हुक्म दिया कि उस आदमी की सब राख जमा कर दो।

दोनों ने जमा कर दी। फिर अल्लाह-तआला ने उसको ज़िन्दा करके पूछा कि तूने ऐसा काम क्यों किया था?

उसने कहा ऐ मेरे रब! तू ख़ूब जनता है कि मैंने तेरे डर से ऐसा किया था।

अल्लाह-तआला ने उसे बख्श दिया।

(बुखारी)

फ़ायदा

इस हदीस शरीफ़ से मालूम हुआ कि अल्लाहतआला से डरना

और अपने गुनाहों पर शर्मिन्दा होना बड़ी नैमत है,

मगर अल्लाहतआला के डर से आग में जलना या जलाना दरुस्त नहीं क्योंकि अल्लाहतआला को हर तरह की क़ुदरत है।

कोई चीज़ उसके क़ब्ज़े से बाहर नहीं।

हाँ अल्लाहतआला के सामने शर्मिदा होना, गुनाहों की माफ़ी माँगना, तौबा करना बड़े काम की बात है।

अल्लाहतआला माफ़ कर देता है। बरी कर देता है।

(बाग़े-जन्नत यानी ख़ुदाई बाग़, सफ़ा न० 321)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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English Translation

The buzurgi of fear of Allah

The Messenger of Allah (Sallallahu Alaihi Wasallam) said,

A man never did any good work.

He told his family that when I die, burning me up and scattering my half ash in the jungle and shedding halfway into the river.

If God insults me, then God will give me such punishment that no one has ever received such punishment in my life.

Then when the man died, his family responded to her saying.

Allah Taala ordered the forest and the river that all the ashes of that man would be collected.

Both have deposited. Then Allah made his life alive and asked, why did you do such a thing?

He said, my lord! You are very public that I did this because of your fear. Allah has guided him.

(Bukhari)

Benefits –

This Hadith Sharif came to know that it is a great honor to be afraid of Allah Talah,

and to be ashamed of your sins, but it is not auspicious to burn or burn in the fire because of the fear of Allah Talah,

because Allah Talah has all kinds of possessions.

No one is out of his possession.

Yes, it is a matter of great work, to be ashamed before Allah Almighty, asking for forgiveness of sins. Allah Talah will forgive. Allah will Releases.

(Baghe-Jannat i.e. Khudai Bagh: Page no 321)

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