खुदखुशी करने वाले के बारे में क्या आया है? जरुर पढ़ें और शेयर करें

0
96
https://www.islamicpalace.in/2017/10/30/khudushi-karane-wale-ke-bare-mein-kya-aaya-hai/
khudkushi
Islamic Palace App

Click here to Install Islamic Palace Android App Now

Khudushi karane wale ke bare mein kya aaya hai

खुदखुशी करने वाले के बारे में क्या आया है?

  वह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से बयान करते हैं की आपने फ़रमाया जो आदमी इस्लाम के अलावा किसी मजहब की जानबूझ कर कसम उठाये तो वह ऐसा ही होगा,

जैसा उसने कहा है और जो आदमी तेज हथियार से अपने आपको मार डाले, उसको उसी हथियार से जहन्नम में अजाब दिया जायेगा ।

फायदे:

इमाम बुखारी का मकसद यह है कि जब ख़ुदकुशी करने वाला जहन्नमी है तो नमाज़े की नमाज़ न पढ़ी जाये।

लेकिन निसाई की रिवायत में है कि ख़ुदकुशी करने वाले कि जनाज़े की नमाज़ रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने नहीं पढ़ी थी अलबत्ता अपने साहब को इससे नहीं रोका था।

मालूम हुआ की मर्तबा रखने वाले हजरात ऐसे इन्सान की जनाज़े की नमाज़ न पढ़ें ताकि दूसरों को नसीहत हो। (अल्लाह बेहतर जानने वाला है)

जुनदब रज़ि. से रिवायत है, वह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से बयान करते हैं कि आपने फ़रमाया, एक आदमी को जख्म लग गया था,

उसने अपने आपको मार डाला तो अल्लाह तआला ने फ़रमाया चूँकि मेरे बन्दे ने मुझे से पहल चाही (पहले अपनी जान ली) लिहाजा मैंने उस पर जन्नत को हराम कर दिया।

फायदे: यानी खुदखुशी करने वाले ने सब्र और हिम्मत से काम न लिया,

बल्कि अपनी मौत रब के हवाले करने के बजाये जल्दबाजी जाहिर की।

हालाँकि अल्लाह ने उसकी मौत के वक़्त पर उसे आगाह नहीं क्या था।

लिहाजा उस सजा का हकदार ठहरा जो हदीस में बयान हुई है।

(औनुलबारी, 2358)

अबू हुरैरह रज़ि. से रिवायत है, उन्होंने कहा,

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया जो खुद अपना गला घोंट ले वह दोजख में अपना गला घोंटता ही रहेगा

और जो आदमी नेज़ा मारकर ख़ुदकुशी करने वाले की सजा यह है की वह जहन्नम में रहे,

लेकिन अल्लाह तआला अहले तौहीद पर रहम और करम फ़रमायेगा और उस तौहीद की बरकत से उन्हें आखिरकार जहन्नम में निकाल लेगा।

(औनुलबारी, 2/359)

(मुख़्तसर सही बुखारी, सफ़ा न० 526)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.