जानिए अहादीस में किन दो (2 ) नमाज़ को ठंडी कहा गया और उसकी क्या फ़ज़ीलत है

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Janiye Hadees Mein Kin Do
Namaz
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Janiye Hadees Mein Kin Do (2) Namaz Ko Thandi Kaha Gaya

जानिए अहादीस में किन दो (2 ) नमाज़ को ठंडी कहा गया और उसकी क्या फ़ज़ीलत है

हज़रत अबू मूसा रज़ि रिवायत फरमाते हैं

कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया:

जो दो ठंडी नमाज़ें पढ़ता है, वह जन्नत में दाखिल होगा।

(बुखारी)

फायदा:

दो ठंडी नमाज़ों से मुराद फ़ज़्र और अस्र की नमाज़ है।

फ़ज़्र ठंडे वक़्त के इख़्तियाम पर और अस्र ठंडक की इब्तिदा पर अदा की जाती है।

उन दोनों नमाज़ों का खास तौर पर इसलिए जिक्र फ़रमाया

कि फज़र की नमाज़ नींद के ग़लबा की वजह से और अस्र की नमाज़ कारोबारी मशगुलियत की वजह से पढ़ना मुश्किल होता है,

लिहाजा इन दो नमाज़ों का इहतिमाम करने वाला यक़ीनन बाकी तीन नमाज़ों का भी एहतिमाम करेगा।

(मिरक़ात)

(मुन्तख़ब अहादीस, सफ़ा न० 146 )

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