हज़रत इब्ने अब्बास रज़ि का नमाज़ की वजह से आंख न बनवाना, जानिए हदीस पढ़ कर शेयर जरुर करें

0
92
Hazrat Ibne (Rz.) Ka Namaz Ki Wajah Se Ankh Na Banwana
Hazrat Ibne (Rz.) Ka Namaz Ki Wajah Se Ankh Na Banwana
Islamic Palace App

Hazrat Ibne (Rz.) Ka Namaz Ki Wajah Se Ankh Na Banwana

हज़रत इब्ने अब्बास रज़ि का नमाज़ की वजह से आंख न बनवाना

हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ि की आँख में जब पानी उतर आया तो आंख बनाने वाले हाज़िरे खिदमत हुए और अर्ज़ किया कि इजाजत हो तो हम

आंख बना दे, लेकिन पांच दिन तक आपको एहतियात करना पड़ेगी

कि सज्दा बजाय ज़मीन के किसी ऊंची लकड़ी पर करना होगा।

उन्होंने फर्माया, यह हरगिज़ नहीं हो सकता।

अल्लाह एक रकअत भी इस तरह पढ़ना मुझे मंजूर नहीं।

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का इर्शाद मुझे मालूम है कि जो शख्स एक नमाज़ भी जान कर छोड़ दे,

वह हक़ तआला शानुहू से ऐसी तरह मिलेगा कि हक़ सुब्हानहू व तक़द्दुस उसपर नाराज़ होंगे।

फायदे:

अगरचे शरअन नमाज़ इस तरह से मजबूरी कि हालत में पढ़ना जायज है

और यह सूरत नमाज़ छोड़ने की वअीद में दाखिल नहीं होती,

मगर हज़रात सहाबा रज़ि को नमाज़ के साथ जो शग़्फ था और नबी अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के इर्शाद पर अमल की इस कदर अहमियत थी,

उसकी वजह से हज़रत इब्ने अब्बास रज़ि ने आँख बनवाने को भी पसंद न किया कि इन हज़रात के नज़दीक एक नमाज़ पर सारी दुनिया कुर्बान थी।

आज हम बे-हयाई से जो चाहे, इन मर मिटने वालों की शान में मुंह से निकाल दें।

जब कल उनका सामना होगा कि यह फिदाई मैदाने हशर की सैर के लुत्फ़ उड़ा रहे होंगे,

जब हक़ीक़त मालूम होगी कि यह क्या था और हमने इनको साथ बर्ताब किया।

(फ़ज़ाइले आमाल, सफ़ा न० 92)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.