हज़रत उमैरा रज़ि. का कॉल कि खुजरें खाना तवील ज़िन्दगी है…

0
154
Hazrat Umar Razi Kaol Ki Khuzrein Taweel Zindagi Hai
Hazrat Umar Razi Kaol Ki Khuzrein Taweel Zindagi Hai
Islamic Palace App

Hazrat Umar Razi Kaol Ki Khuzrein Taweel Zindagi Hai

हज़रत उमैरा रज़ि. का कॉल कि खुजरें खाना तवील ज़िन्दगी है

गज़्वा-ए-बद्र में हुज़ूरे अक़्दस (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) एक ख़ेमे में तशरीफ़ फ़र्मा थे।

आपने सहाबा से इर्शाद फ़र्माया कि उठो और बढ़ो ऐसी जन्नत कि तरफ जिसकी चौड़ाई आसमान व ज़मीन से कहीं ज़्यादा है और मुत्तकियों के वास्ते बनायी गई हैं।

हज़रत उमैर बिन अलहम्माम रज़ि. एक सहाबी हैं।

वह भी सुन रहे थे, कहने लगे वाह, वाह! ने फ़र्माया,

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम,) ने फ़र्माया, वाह! किस बात पर कहा।

अर्ज़ किया या रसूलुल्लाह! मुझे यह तमन्ना है कि मैं भी उनमें से होता।

आपने फ़र्माया तुम भी उनमें से हो।

इसके बा झोली में से कुछ खजूरें निकाल कर खाने लगे।

इसके बाद कहने लगे कि इन खजूरों के खत्म होने का इंतज़ार, जो हाथ में हैं,

बड़ी लम्बी ज़िन्दगी है, कहाँ तक इन्तजार करूँगा।

यह कहकर उनको फेंक दिया और तलवार लेकर मज्मा में घुस गए और शहीद होने तक लड़ते रहे।

फायदा:

हक़ीक़त मैं यही लोग जन्नत के कद्र्दान न हैं

और इस पर यक़ीन रखने वाले हम लोगों को भी अगर यक़ीन नसीब हो जायें तो सारी बातें सहल हो जायें।

(फ़ज़ाइले आमाल, सफ़ा न० 124)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.