जानिए शैतान के दोस्त और दुश्मन के बारे में?

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Janiye Shetan ke Dost or Dushman ke bare me
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Janiye Shetan ke Dost or Dushman ke bare me

शैतान के दोस्त और दुश्मन

एक दफ़ा अल्लाहतआला ने शैतान को हुक्म दिया की

तू हमारे रसूल मौहम्मद मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पास जा और उनकी बातों का जवाब दे।

शैतान आपको मिला और कहा, खुदा ने मुझको आपके पास भेजा है।

आपने फ़रमाया कि हम मुसलमानों में कौन लोग तेरे दोस्त है और कौन दुश्मन है?

कहा पन्द्रह किस्म के यह लोग मेरे दुश्मन हैं-

  1. सब से बड़े दुश्मन तुम हो,
  2. और बादशाह इन्साफ़ करने वाला और इसमें एहले रियासत और सब हाकिम आ गये,
  3. वह मालदार जो अपने को औरों से छोटा समझे,
  4. जो आदमी तिजारत करता हो और सच बोलता हो,
  5. वह आलिम और नमाज़ी जो खुदा से डरता हो,
  6. वह आदमी जो लोगों को दीन की बातें सिखलाता हो,
  7. वह आदमी जो लोगों पर रहम करता हो,
  8. जो आदमी खुदा के सामने तौबा करता हो,
  9. जो हलाल खाता हो और हराम कमाई से बचता हो,
  10. जो पेशाब वग़ैरा नापाकी से बचता हो और पाक साफ़ रहता हो,
  11. जो खैरात ज़्यादा करता हो,
  12. जो अच्छी आदतें रखता हो,
  13. जो लोगों को नफ़ा पहुँचाता हो,
  14. जो कुरआन हमेशा पढ़ता हो,
  15. जो तहज्जुद की नमाज़ पढ़ता हो।

और यह दस क़िस्म के लोग मेरे दोस्त हैं, वह मेरे हैं और मै उनका हूँ।

  1. बादशाह ज़ालिम जो लोगों पर ज़ुल्म करे और इसी में एहले रियासत और सब हाकिम आ गये,
  2. वह मालदार मुसलमान जो अपने को बड़ा समझता हो,
  3. जो अपना माल झूठ बोलकर धोखा-फ़रेब से बेचता हो। कम तोलता और कम नापता हो,
  4. शराब पिता हो,
  5. ग़ीबत चुग़ली करता हो,
  6. जो नेक कामों से दिखावा करता हो,
  7. जो यतीमों का माल खाता हो,
  8. हमेशा वक़्त पर नमाज़ न पढ़ता हो,
  9. जो ज़कात न अदा करता हो,
  10. जो दुनिया की हिर्स ज़्यादा करता हो।

बस ऐ मौहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)! यह लोग मेरे प्यारे हैं

और बड़े दर्जे के दोस्त हैं। यह कहकर शैतान नाफ़रमान भाग निकला।

फ़ायदा– मुसलमान भाईयो और बहिनो! अक़्ल की बात यही हैं

कि शैतान को अपना दुश्मन समझो और अल्लाह व रसूल की नाफ़रमानी से बचो।

कोई बुरा काम न करो कि शैतान के दोस्त बन जाओ।

(बाग़े-जन्नत यानी ख़ुदाई बाग़, सफ़ा न० 162)

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