चार (4) बाते माँ के पेट में ही लिख दी जाती हैं, जानिए पढ़ कर शेयर जरुर करें

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Chaar(4) Baatey Maa Ke Pait Me Hi Likh Di Jati Hai
Chaar(4) Baatey Maa Ke Pait Me Hi Likh Di Jati Hai
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Chaar(4) Baatey Maa Ke Pait Me Hi Likh Di Jati Hai

चार (4) बाते माँ के पेट में ही लिख दी जाती हैं

मफ़हूम-ए-हदीस: अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि” अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की:-

रसूल’ अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया:-

“तुम में से हर शख्स अपनी माँ के पेट में 40 दिन और 40 रात तक नुत्फे में रहता है।

फिर उतने ही मुद्दत (यानी 40 दिन-रात) तक अलका यानी खून की फुकी बनता है।

और फिर उतने ही आरसे (यानी 40 दिन-रात) तक मुदघाह यानी गोश्त का लोथड़ा बनता है।

फिर अल्लाह सुब्हान तआला एक फरिश्ता भेजता है।

और उसके बारे में (माँ के पेट में ही) चार बातों के लिखने का हुक्म दिया जाता है।

  1. उसकी रोज़ी का,
  2. उसकी मौत का,
  3. उसके नेक या बुरा हनी का,
  4. और ये की वो लड़का है या लड़की।

(सहीह बुखारी भाग 009, बुक 093, हदीस-546)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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