मरहूम (Dead) की तरफ से भी खैरात दिया करो

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Hazrat Musa A.S aur samunder ki misaal
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Marhum (Dead) Ki Taraf Se Bhi Khairat Diya Karo

मरहूम (Dead) की तरफ से भी खैरात दिया करो

मफ़हूम-ए-हदीस: उम्मे आयशा (रज़ि अल्लाहु अन्हा) से रिवायत है की:-

एक शख्स ने रसूल’अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से पूछा की:- मेरी माँ का अचानक इंतेक़ाल हो गया और मेरा ख्याल है

की अगर उन्हें बात करने का मौका मिलता तो वो कुछ न कुछ खैरात करती।

अगर मै उनकी तरफ से कुछ खैरात करूँ तो क्या उन्हें इसका सवाब मिलेगा।

आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया:- “हाँ मिलेगा।

(सही बुखारी, बुक-23, हदीस-470)

खुश खबरी और मुबारक-बाद हो उस के लिए

मफ़हूम-ए-हदीस: फरमाने मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) है की:-

“खुशखबरी और मुबारक-बाद हो उस के लिए जिस ने मुझे देखा और मुझ पर ईमान लाया।

और सात (7) मर्तबा खुश खबरी और मुबारक-बाद हो उस के लिए:-

जिस ने मुझे नहीं देखा और मुझ पर ईमान लाया।

(मुस्नद-ए-इमाम अहमद: जिल्द-5, पेज-257, हदीस, 22268)

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