अल्लाह की रेहमत का एक खूबसूरत वाक़िया,जानिए पढ़ कर शेयर जरुर करें

0
436
Allah Ki Rehmat Ka Ek Khubsurat Wakiya
Allah
Islamic Palace App

Allah Ki Rehmat Ka Ek Khubsurat Wakiya

अल्लाह की रेहमत का एक खूबसूरत वाक़िया

इब्ने खुदमा अपनी किताब अत-तवबिन में बानी इस्राईल का वाकिया पेश करते हुए कहते हैं के,

मूसा (AS) के ज़माने में एक बार कहते (drought) आया, आप अपने तमाम सहाबा के साथ अल्लाह की बारगाह में हाथ उठा कर बारिश के लिए दुआ करते हैं।

अल्लाह की जानिब से मूसा (AS) को गैब से आवाज़ आयी और कहा के “ए मूसा (AS) आपके एक सहाबी हैं जिसने अभी तक तौबा नहीं की”

मूसा (A.S) अपने सहाबा से कहते हैं के तुम में से कोई है जिसने अभी तक तौबा नहीं की इसीलिए बारिश नहीं हो रही।

ये कहते ही बारिश का बरसना शुरू हो गया।

सहाबा ने कहा “ए मूसा (A.S) आपने तो हमसे झूठ कहा, देखो बारिश तो शुरू हो गयी।

मूसा (A.S) परेशान हो कर अल्लाह से सवाल करने लगे “ए अल्लाह! ये कैसा माजरा है।

अल्लाह तआला ने फ़रमाया “ए मूसा (A.S)! तुमने जैसे ही सहाबा से तौबा का ज़िक्र किया।

मेरे उस गुनेहगार बन्दे ने मुझसे अपने गुनाहो की तौबा कर ली।

मूसा (A.S) ने कहा “ए अल्लाह! मुझे भी बता भला वो बन्दा कौन था।

अल्लाह तआला ने फ़रमाया: “ए मूसा (A.S)! बन्दा जब गुनाह कर के तौबा नहीं किया,

तब मैंने तुझसे छुपाया अब तो तौबा कर चूका है फिर भला अब तुम्हे उसका पता कैसे बता दूँ।

सुब्हान अल्लाह! ये रिश्ता है अल्लाह का अपने बन्दों से,

मेरे अज़ीज़ो! अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमारे गुनाहो को पोशीदा रखने पर क़ादिर है।

और सिर्फ पोशीदा ही नहीं बल्कि हमारे गुनाहो को माफ़ करने पर भी क़ादिर है।

ज़रा शिद्दत से खालिस उसकी बारगाह में हाथ फैलाकर तो देखो।

बहरहाल इस वाकिये में नसीहत है उन तमाम हज़रात के लिए जो अल्लाह से मायूस हो कर अल्लाह के आगे सिर झुकाने के बजाये फलाह और फलाह के डर पर झुकते है।

अपने गुनाहो के किस्से उन्हें सुनकर उन्हें अपने गुनाहो पर गवाह और हुज्जत बनाते है।

अल्लाह रेहम करे न जाने किस हद्द तक हम अपने रब से मायूस होते हैं जबकि वो तो हमारी तौबा के इन्तेज़ार में रहता हैं।

लिहाजा हमे चाहिए के हम अल्लाह से रिश्ता मज़बूत कर ले, और हर हाल में अल्लाह ही से सवाल करे।

जैसा के हमारे नबी-ए-करीम (सलल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूरी ज़िन्दगी अपने उम्मत को तालीम दी।

इन्शा’अल्लाह-उल-अज़ीज़

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमे कहने सुनने से ज्यादा अमल की तौफ़िक दे।

जब तक हमे ज़िन्दा रखे इस्लाम और ईमान पर ज़िन्दा राखए

खत्म हमारा ईमान पर हो

व आखीरु दवना अनिलहम्दुलिल्लाहे रब्बिल आलमीन।

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.