हर गुनाहो कि मगफिरत- बशर्ते के शिर्क न किया हो

0
97
Har Gunaaho Ki Magfirat – Bashartey Ke Shirk Na Kiya Ho
makkah
Islamic Palace App

Har Gunaaho Ki Magfirat – Bashartey Ke Shirk Na Kiya Ho

हर गुनाहो कि मगफिरत- बशर्ते के शिर्क न किया हो

मफ़हूम-ए-हदीस: अनस-बिन मालिक (राज़ी अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है के:-

रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के-

अल्लाह सुब्हानहु व ताला फरमाता हैं:

ए इब्न आदम! जब तक मुझे पुकारता रहेगा और मुझ ही से उम्मीदें वाबस्ता रखेगा।

मैं तुझे मुआफ करता रहूँगा चाहे तेरे आमाल जैसे भी हों।

और मैं (तुझे बख्शते हुए) परवाह तक न करूँगा.

ए इब्न आदम! अगर तेरे गुनाह आसमान कि बुलन्दियों तक भी पहुच जाएँ और तू मुझ से मुआफी मांगे तो मैं तुझे मुआफ करदूंगा और परवाह तक न करूँगा।

ए इब्ने आदम! अगर तू इतने गुनाह कर के आये के रू-ए-ज़मीन भी भर जाये तो मैं भी ज़मीन भर मगफिरत के साथ तुझ से मिलूंगा (यानी भरपूर मगफिरत क रदूंगा) बशर्ते के तूने शिर्क न किया हो।

सुब्हानअल्लाह! अल्लाहु अकबर!

बेशक अल्लाह के पास हर गुनाहो कि मगफिरत है बशर्ते के बन्दे-ए-मोमिन के आमाल और अक़ीदे शिर्क कि नजस से पाक हो।

इंशाअल्लाह-उल-अज़ीज़

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमे तमाम किस्म के खुले और छिपे शिर्क से बचाये।

हमे किताबो सुन्नत का मुत्तबे बनाये।

जब तक हमे ज़िन्दा रखे इस्लाम और ईमान पर ज़िन्दा रखे।

खत्म हमारा ईमान पर हो।

व आखीरु दवना अल्हम्दुलिल्लाहे रब्बिल आलमीन

अमीन! अल्लाहुम्मा अमीन

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.