थोड़ा इल्म ज़्यादा इबादत से बेहतर है जानिए पढ़ कर शेयर जरूर करें

0
90
Khalis aqal walay log
makkah
Islamic Palace App

Thoda Ilm Ziyada Ibadat Se Behtar Hai

थोड़ा इल्म ज़्यादा इबादत से बेहतर है

मफ़हूम-ए-हदीस: अब्दुल्लाह-बिन-उम्र (रज़ि’अल्लाहु अन्हु) से है के,

रसूल’अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया:-

“थोड़ा इल्म (हासिल करना) ज़्यादा इबादत से बेहतर है।

और इन्सान के फिकिआ होने के लिए अल्लाह की इबादत करना ही काफी है।

और इन्सान के जाहिल होने के लिए अपनी राये को पसन्द करना ही काफी है।

(तीब्रानी अल वसत, बाब अल मीम, जिल्द 6, पेज 257, हदीस: 8638)

वजाहत: यानी इन्सान दीन का इल्म हासिल करना ज़्यादा (नफील) इबादत से अफ़ज़ल कहा गया है।

क्यों के उसने वह चीज़ हासिल की जो पहले उसे नहीं पता थी।

क्यों के वह एक ऐसी बात को जान गया है जिस पर वह आगे लोगो को भी

इस से आगाह कर इसका फायदा दे सकता है जब की इबादत में सिर्फ इन्सान को अपना ही फायदा होता है।

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.