हलाल रोज़ी हासिल करना फ़र्ज़ है, जानिए हदीस पढ़ कर शेयर जरुर करें

0
109
Rozi me Barkat Ka Wazifa
makkah
Islamic Palace App

Halaal Rozi Haasil Karna Farz Hai

हलाल रोज़ी हासिल करना फ़र्ज़ है

मफ़हूम-ए-हदीस: अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि’अल्लाहु अन्हु) ने कहा की,

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया की

“शरीयत के दीगर फ़राइज़ के बाद हलाल रोज़ी हासिल करना फ़र्ज़ है।

(बैहक़ी, मिश्कत पेज-242)

मफ़हूम-ए-हदीस: हज़रते अबू बकर (रज़ि” अल्लाहु अन्हु) ने कहा की,

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया की

“जिस बदन को हराम ग़िज़ा (खाना) दिए गया वो जन्नत में दाखिल न होगा।

(मिश्कत पेज-243)

मफ़हूम-ए-हदीस: हज़रते अबू हुरैरह (रज़ि” अल्लाहु अन्हु) ने कहा की,

हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया के

“लोगो पर एक ज़माना ऐसा भी आएगा जब के कोई इस बात की परवाह न करेगा की

उसने जो माल कमाया वो हलाल है या हराम।

(बुखारी भाग-1 पेज-276)

मिसाल (Examples)

 

  1. कपडा सिलने के लिए दिया तो दर्ज़ी ने उसमे से काट लिया
  2. रुई (Cotton) काटने के लिए दी तो काटने वाले ने रुई निकल ली,
  3. कपडा बनाने के लिए दिया तो बनाने वाले ने निकल लिया,

रुई निकलने वाले ने रुई बचा ली ऐसे ही किसी भी चीज़ में से जो आपको किसी ने किसी काम के लिए दी,

और आपने उसमे उसकी चोरी की तो ये सब काम न-जाइज़ और हराम है,

जहन्नम में ले जाने वाले है, अफ़सोस! की ये बातें खुले

तौर पर ईमान वालो में इस तरह रायेज हो गयी हैं,

की अब लोगों को एहसास ही नहीं होता के हम हराम रोज़ी से अपना पेट भर कर अपनी आख़िरत बर्बाद कर रहे हैं।

बल्कि अवाम तो अवाम कुछ ख़ास लोग भी इसी तरह हराम रोज़ी हासिल करने में लगे है।

करो महेरबानी तुम अहले ज़मीन पर

अल्लाह महेरबान होगा अर्शे बारिन पर

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.