हमेशा अपनी ज़ुबान से खैर की बात करें

0
79
Hamesha Apni Zuban Par Khair Ki Baat Karein
makkah
Islamic Palace App
Hamesha Apni Zuban Par Khair Ki Baat Karein
!बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम!
 حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُنِيرٍ، ‏‏‏‏‏‏سَمِعَ أَبَا النَّضْرِ، ‏‏‏‏‏‏حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ يَعْني ابْنَ دِينَارٍ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ أَبِيهِ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ أَبِي صَالِحٍ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ‏‏‏‏‏‏عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، ‏‏‏‏‏‏قَالَ:‏‏‏‏ “”إِنَّ الْعَبْدَ لَيَتَكَلَّمُ بِالْكَلِمَةِ مِنْ رِضْوَانِ اللَّهِ لَا يُلْقِي لَهَا بَالًا، ‏‏‏‏‏‏يَرْفَعُهُ اللَّهُ بِهَا دَرَجَاتٍ، ‏‏‏‏‏‏وَإِنَّ الْعَبْدَ لَيَتَكَلَّمُ بِالْكَلِمَةِ مِنْ سَخَطِ اللَّهِ لَا يُلْقِي لَهَا بَالًا، ‏‏‏‏‏‏يَهْوِي بِهَا فِي جَهَنَّمَ””.
हदीस का महफूम है -अबू हरिरह (रज़ि’अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की
नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: बेशक एक बन्दा अल्लाह की रज़ामन्दी के लिए एक बात ज़ुबान से निकलता है।
उसे वो कोई अहमियत भी नहीं देता लेकिन इसकी वजह से अल्लाह इसके दरजात बुलन्द कर देता है।
इसी तरह एक दूसरा बन्दा एक ऐसा कलमा (बात) ज़ुबान से निकलता है।
जो अल्लाह की नाराज़गी का सबब होता है उसे वो कोई अहमियत नहीं देता
लेकिन उसकी वजह से वो जहन्नम मैं चला जाता है ।


Narrated Abu Huraira: The Prophet; said, A slave (of Allah) may utter a word which pleases Allah without giving it much importance, and because of that Allah will raise him to degrees (of reward): a slave (of Allah) may utter a word (carelessly) which displeases Allah without thinking of its gravity and because of that he will be thrown into the Hell-Fire.
(Sahih Bukhari, Hadees-6478)


वज़ाहत:-

इस हदीस से मालूम ये हुआ की जब आप कोई बात करते हो तो उस मैं दो बातें होती हैं,
पहली ये की आप जो बात बोल रहे हो उससे आपका रब खुश होगा भले ही लोग उस बात को अहमियत न दें
लेकिन आपकी नियत के से अल्लाह आपके दरजात बुलन्द कर दे
अब दूसरी बात ये की जब आप कोई बात करते हो तो
उस मैं लोग तो आपकी बात को अहमियत देंगे
लेकिन आप खुद उस बात अहमियत नहीं देते की इससे मेरा रब खुश होगा या नाराज़
खैर हम तमाम को हमेशा ये बात याद रखना चाहिए की जब भी हम कोई बात कहें उस मैं रब की रज़ा होना चाहिए
लोगों की नहीं तभी हम कल क़ियामत के दिन कामयाब हो पाएंगे.
आखिर मैं अल्लाह से दुआ है अल्लाह तआला हम तमाम को खैर की बात कहने वाली ज़ुबान अता फरमाए
जब तक ज़िन्दा रखे इस्लाम और ईमान पर ज़िन्दा रखे
खत्म हमारा ईमान पर हो व आखीरु दवना अनिलहम्दुलिल्लाहे रब्बिल आलमीन

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.