हज के बारे में जानकारी जानिए हदीश की रोशनी में

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HAJ KE BARE ME JANKARI HADEESH Ki Roshani Mein

हज के बारे में जानकारी जानिए हदीश की रोशनी में

हज़रात इब्ने ए अब्बास रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु ने कहा की

नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया की ए लोगो!

खुदा ने तुम पर हज फ़र्ज़ किया है,

आकर इब्ने हबिस रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु ने खड़े हो कर पूछा.

या रसूल अल्लाह! किया हर साल हज फ़र्ज़ है? फ़रमाया अगर मैं है

कर दूँ तो हर साल हज फ़र्ज़ हो जाये और अगर हर साल फ़र्ज़ हो जाये

तो तुम उसे अदा करने की ताक़त नहीं रखते, इसलिए हज पूरी ज़िन्दगी

में सिर्फ एक मर्तबा फ़र्ज़ है

और जो उस से ज़्यादा करे वो नफ़्ल है.

(अहमद-दरमी मिश्का) हज फ़र्ज़ है जो इसको फ़र्ज़ न माने वो काफिर है!

सारी उम्र में एक बार फ़र्ज़ है! हज न करने में बहुत सख्त गुनाह है

यहाँ तक की बे ईमान हो कर मरने कदर है और हज करने से अलावा फ़र्ज़

अदा होने के बहुत सवाब और बहुत बरकते हैं!

(क़ानून ए शरीअत पेज न० 2)

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अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

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