इलूमिनाती क्या है? हमें शैतान की आँख से बचना चाहिए

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Illuminati Kya Hai?
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Illuminati Kya Hai?

इलूमिनाती क्या है? हमें शैतान की आँख से बचना चाहिए

इलूमिनाती की शुरुआत जर्मनी फिलॉसफर एडम विशाप ने 1 मई 1776 को बावरिया जर्मनी में किया.

इलूमिनाती एक समूह था जिसका मकसद था, दुनिया पर राज करना और एक नई दुनिया बनाना.

इसलिए उन्होंने अपने इस ग्रुप का नाम द ऑर्डर ऑफ इलूमिनाती रखा यह लोग अपना काम गोपनीय अंदाज में करते थे यही इनकी विशेषता थी.

वह अपने काम को पूरा करने के लिए किसी भी तरीके को अपनाते थे जैसे काला जादू या गलत काम.

इनका गलत काम के कारण यह ईश्वर को ज्यादा मानते नहीं थे .इनके भगवान शैतान लुसिफर है.

इलूमिनाती

लोगों का मानना था कि इनके पास आम लोगों से ज्यादा ज्ञान होता था,

जिससे वे बहुत कम समय में ज्यादा चर्चित हो गए .उस समय इलूमिनाती के ग्रुप में हजारों की संख्या में सहायक बन गए थे.

लेकिन 1785 में एक शासक जिसका नाम चाल्स थियोडोर था उसने इस इलूमिनाती ग्रुप को बंद कर दिया

क्योंकि उसे डर था इलूमिनाती के कारण कही उसका शासन हाथ से ना निकल जाए.

इसलिए इस इलूमिनाती ग्रुप को लगभग 11 साल बाद बंद कर दिया गया लेकिन इस समूह में लोग बहुत ही ज्यादा हो गए थे,

इसके कारण उनके ज्ञान को दबा पाना मुश्किल था लेकिन आज के दौर में इलूमिनाती बहुत तेजी से फैल रहा है

जैसे सोशल साइट में इसका बढ़-चढ़कर प्रचार हो रहा है और कुछ ग्रुप अपने आपको इलूमिनाती के मेंबर मानते हैं

उनकी एक ऑफिशियल वेबसाइट भी है इसका नाम एल्युमीनियम डॉट इन गेम लोगों का मानना है इस ग्रुप से सारी बड़ी हस्तियां जुड़ी हुई है.

जैसे फिल्म स्टार, कोई नेता, कोई पॉप सिंगर और भी कई लोगों को तो इन से जोड़ा जाता है.

इनका एक चिन्हे भी है जो त्रिकोण है

और उसके बीच में एक आंख है उस आँख को शैतान की आंख भी कहा जाता है

उन लोगों का मानना है कि वह आँख दुनिया में हर चीज को देख रही है

और जल्द ही उनका भगवान इस दुनिया में आएगा. लोग कई बड़ी घटना के पीछे भी इलूमिनाती नाम लेते है.

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