वो इन्सान जिसकी 40 दिन की नमाज़ क़बूल नहीं होंगी

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Jiski 40 Din Ki Namaz Kubool Nahi hongi

वो इन्सान जिसकी 40 दिन की नमाज़ क़बूल नहीं होंगी

महफूम-ए-हदीस:

हफ्सा (रज़िअल्लाहु अन्हु) से रिवायत है के,

रसूल-ए-पाक (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया की-

अगर कोई मुस्लमान किसी मजूसी (काहिं) के पास जाकर
कुछ दरयाफ्त करता है तो उसकी 40 दिन की नमाज़ क़ुबूल नहीं होती”

(मुस्लिम शरीफ Vol-2 Page-233)

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एक और रिवायत में आता है के

महफूम-ए-हदीस:

रसूलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया की–

जिसने शराब पी ली उसकी
40 दिन तक नमाज़ क़ुबूल नहीं होगी,
फिर अगर वह तौबा करले तो अल्लाह मु’आफ फार्मा देगा,

फिर उसने शराब पी तो 40 दिन तक नमाज़ क़ुबूल नहीं होगी
– और अगर उसने ताउब कर्ली तो अल्लाह मुआफ फार्मा देगा।

इस तरह तीन मर्तबा आप ने फ़रमाया,

फिर फ़रमाया की
अगर वह 4thi बार शराब पियेगा तो उसकी 40 दिन तक नमाज़ कुबूल नहीं होगी
और वह तौबा करेगा तो तौबा क़ुबूल न होगी
और उसे क़यामत के रोज़
जहन्नमिओ का पीप पिलाया जायेगा,

(मिश्कत शरीफ: 317)

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• Note: बहरहाल नमाज़ की अहमियत क्या है हम’में से अक्सरियत जानती है,
और नमाज़ को छोड़ना कबीरा गुनाह में से है,
लेकिन अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ऐसे शख्स की नमाज़
40 दिन तक क़बूल नहीं फरमाता
जो किसी काहिं के पास जा कर कुछ दरयाफ्त करता हो,
और जो शराब पीता Ho,

क्यूंकि ये दोनों गुनाह इतने संगीन हैं के
अल्लाह रब्बुल ऐसे मुसलमान की इबादते भी
क़बूल नहीं फरमाता,

और इस हदीसे मुबारक में 40 दिन की नमाज़ क़बूल न होने से मुहृद यह नहीं के
40 दिन नमाज़ छोड़ दें,
बल्कि नमाज़ तो पढ़ना है,
लेकिन अफ़सोस के वह 40 दिन क़बूल न होंगी।

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अल्लाह हमे बचाये
काहिनो और मजूसियों के फ़ितनो
शर पसंदो के शर से,

(अमीन अल्लहुमा अमीन)

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आमीन

►जज़ाकअल्लाह खैरन◄

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