जुमा के दिन के कुछ ख़ास अमल जो हुज़ूर ﷺ का फरमान से.

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Juma ke Din ke Kuch Khaas Amal jo Huzoor ﷺ ka Farman se.
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Juma ke Din ke Kuch Khaas Amal jo Huzoor ﷺ ka Farman se.

जुमा के दिन के कुछ ख़ास अमल जो हुज़ूर ﷺ का फरमान से.

जो शख्स जुमा के दिन अपने वाल्दैन या उनमे से किसी एक की क़ब्र की ज़ियारत करे तो उसकी मगफिरत कर दी जाएगी और उसको फर्माबरदार लिखा जायेगा.

(कंज़ुल उम्माल,17/468)

जो शख्स जुमा के दिन सौराह कहफ़ की तिलावत करेगा उसके क़दम से लेकर आसमान की बुलंदी तक नूर हो जायेगा जो क़यामत के दिन रौशनी देगा,

और गुज़िश्ता जुमा से इस जुमा तक के उसके सब गुनाह माफ़ हो जायेंगे. (सगीरा गुनाह मुराद है)

कंज़ुल उम्माल, 1/576

जुमा के दिन ग़ुस्ल करना गुनाहो को बालो की जड़ो से सुनत कर निकाल देता है.

(कंज़ुल अमाल- 7/ 754.)

हज़रात माँ आइशा रज़ि अल्लाहु तआला अन्हा बयान करती है के रसूलुल्लाह के पास दो कपडे थे जिसे आप जुमा के दिन पहनते थे फिर जब वापस तशरीफ़ लाते तो उसको लपेट कर रख देते थे.

(अल मुत्तलिबुल आलिया / 746.)

जुमा के दिन नाख़ून काटना शिफा का बाइस है और बीमारी को दूर भगाता है.

(कंज़ुल आमाल /17258.)

जिस ने जुमा के दिन नाख़ून काटे वो आइन्दः जुम्मा तक न’गवार हालत से महफूज़ रखा जाएगा.

(कंज़ुल अम्मल / 17241.)

” जिस शख्स ने जुमा की नमाज़ से फारिग हो कर सुब्हानल्लाहील अज़ीमी व बिहम्दिहि 100 मर्तबा पढ़ा तो अल्लाह तआला उसके एक लाख गुनाह माफ़ फार्मा देंगे और उसके वाल्दैन के 24 हज़ार गुनाह माफ़ फार्मा देंगे,

 गवाह इब्नुल सुन्नी फि अमल अल Yaum, 164

जो शख्स जुमा की नमाज़ के बाद कुल हुवल्लाहु अहद, कुल ओज़ूबिरब्बिल फलक, कुल ओज़ू बिरब्बिन नास, सात सात मर्तबा पढ़े तो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त आईन्दा जुमा तक बुराई से पनाह में रखेंगे,

(इब्ने सुन्नी फि अमलाल यौम भाग लेलाह, 1/145)

अज़ान -ए- जुमा के बाद दुनियावी काम छोड़ देना

क़ुरान में अल्लाह तआला फरमाते है

“आय ईमान वालो! जुमा के दिन जुम्मा के लिए जुमा की नमाज़ के लिए अज़ान दी जाये, तो सब के सब अल्लाह की तरफ दोड़ पड़ो और खरीद वह फरोख्त छाए दो! यह तुम्हारे लिए बेहतर है, अगर तुम जानते हो!

(Reference-सौराह जुमा. (पारा 28)

खुलासा:-जुमा की अज़ान सुनने के बाद फ़ौरन जुमा के लिए तयारी करना और सारे दुनयावी काम काज छोड़ देना ज़रूरी है.

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