एक बहुत नेक और परहेज़गार औरत रहती थी…

0
139
Ek Bohot Nek Aur Parhezgaar Aurat rehti thi..
AURAT
Islamic Palace App

Ek Bohot Nek Aur Parhezgaar Aurat rehti thi..

एक बहुत नेक और परहेज़गार औरत रहती थी…

एक बहुत नेक और परहेज़गार औरत रहती थी

उसने अपने 6 साल के मासूम बच्चे की

बहुत अच्छी तरबियत की थी.

उसको सिखाया था के,

देने वाली ज़ात सिर्फ अल्लाह की है

और नमाज़ से अल्लाह की मदद हासिल करो

एक दिन दोपहर में उसका बेटा स्कूल से घर आया…

मीज़ान: अस्सलामावलीकुम अम्मीजान

माँ: वालकूमास्सलाम बेटा

मीज़ान : अम्मीजान मुझे बहुत ज़ोर की भूक लग्ग रही है,

जल्दी से खाना दीजिये न

माँ : मीज़ान बेटा,

मैंने आपको कितनी बार समझाया है के,

हम मुसलमान है

और मुसलमान मख्लूक़ से नहीं

अल्लाह से मांगे है

अगर आपको खाना चाहिए तो

जाओ वुज़ू करो,

ज़ोहर की नमाज़

अदा करो और अल्लाह से खाना मांगो

इन्शाअल्लाह

अल्लाह ज़रूर खाना देंगे

मीज़ान : जी अम्मीजान..(कहते हुए मीज़ान मुस्कुराता हुआ अंदर गया वुज़ू किया और जहनमाज़ बिछा कर

नमाज़ अदा करने लगा,

इतने में माँ किचन में गयी खाना बनाया और अंदर रूम में डस्टर पे लगाकर हॉल में आ गयी

यहाँ हाल में मीज़ान अपने छोटे छोटे मासूम हाथो से अल्लाह से दुआ कर रहा था के,

या अल्लाह

मुझे बहुत ज़ोर की भूक लग रही है जी..

(Plz) आप खाना दे दीजिये

दुआ करते करते उसके आँखों से आंसू भी आ रहे थे

ये सारा मंज़र देख उसकी

माँ के आँखों में भी आंसू

आ गये उसकी माँ ने पीछे से आवाज़ दी,)

माँ : बेटा मीज़ान,

आजाओ अल्लाह ने खाना भेज दिया है

आपकी दुआ क़बूल हुई

मीज़ान (wipes his Tears & Smiles) :

सच्चीई

अम्मीजान कहा है खाना?

अम्मी : जाओ रूम में है खाना

(मीज़ान रूम के अंदर आया देखा दस्तर लगा हुआ है,

खुश हुआ और बिस्मिल्लाह बोल कर खाना शुरू कर दिया

अब्ब ये उसका रोज़ाना की आदत बन्न थी वो स्कूल से आता नमाज़ अदा करता

और अल्लाह से खाना मांगता यहाँ उसके अम्मी उस रूम में डस्टर लगवा देते)

बच्चे का ईमान बन्न गया था के,

अल्लाह ही खाना देते

लेकिन एक दिन बच्चे के अम्मी किसी रिस्तेदार के घर चले गए थे

उन्हें वक़्त का ख्याल ना रहा

जैसे घडी देखी

उनको ख्याल आया के बच्चे की

स्कूल छूटने का वक़्त है,

वो बेचैन हो गयी

वो अल्लाह से दुआ करते हुए जल्दी जल्दी घर की तरफ आने निकले

उन्हें मालुम था के,

बच्चा स्कूल से घर आते है

नमाज़ अदा करेगा और अल्लाह से खाना मांगेगा

और अगर आज उसको वो रूम

में खाना नाइ मिलेगा तो

उसका भरोसा अल्लाह की ज़ात से उठ जाइएगा

बेचारी माँ ने बहुत मेहनत से अपने बच्चा का यकीन बनाया था के,

देनी वाली ज़ात सिर्फ और सिर्फ अल्लाह की है

उसने दोनों हाथ आसमान की तरफ उठाये और रोटी हुए दुआ करने लगी के

या इलाही

या मेरे अल्लाह,

आज माँ की मुहब्बत का मसला नहीं आज मसला तेरी ज़ात के यकीन का है ( आज सवाल मेरे बेटे कर ईमान का है

अल्लाह आज अगर मेरे बच्चे को

खाना ना मिला तो उसका तेरी ज़ात

से यकीन उठ जाइएगा

रोते हुए दुआ करती

माँ दौड़ी हुई घर आयी,

दरवाज़ा खोला तो देखा बेटा बिस्तर पे आराम कर रहा है

माँ ने अपने बेटे को गौड़ में उठा लिया

मुहब्बत के साथ सीने से लगाया

माँ का कलेजा भर आया कहा,

अम्मी : बेटा,

आप दिन दिन भर से भूका होंगे न ?

मै अभी खाना बना देती हूँ

मीज़ान (shoked)

अम्मीजान आप क्वन्सी भूक की बात करती हो आप

अल्हांदुलीलाह

मैंने तो खाना खा लिया

अम्मी : बेटा मैंने पकाई नहीं

पहर तूने कहासे ले लिया खाना

मीज़ान (बड़ी मासूमियत से):

अम्मीजान,

जहा से रोज़ाना लेता वह

से लिया खाना

लेकिन आज अल्लाह ने खूब खिलाये

अम्मीजान आपको क्या बताऊ

6 साल हो गये मुझे खाना कहते हुए

कभी मुझे इतना मज़ा नहीं

आया जितना आज का खाना

खाते हुए आया,,,

अम्मीजान खाने में न जी,

बिरयानी थी शरबत था मे वे थी,

और इतना सब कुछ था न

मै बता नाइ सकता

अल्हम्दुलिल्लाह

आज मेरे अल्लाह ने बहुत खिलाया मुझे

ये देखो मेरे हाथो से

अभी भी खाने की खुसबू आ रही है

उसके अम्मी ने उसके हाथो की खुसबू सुनी

इतनी अच्छी खुसबू उन्होंने

ज़िन्दगी में कभी नाइ सुनी थी

उन्होंने उस रूम में जाकर देखा

वो रूम में नूर सा आ गया था

और वो रूम भी खुसबू से महक रहा था

वो नेक और दीनदार औरत थी

समाज गयी के, अल्लाह की तरह से जन्नत दस्तर उतरा था

उसके घर फ़ौरन सजदे में गिर गयी और अल्लाह का शुक्र अदा किया के,

अल्लाह ने उसकी दुआ क़बूल कर ली

और उसके बेटे के ईमान की

हिफाज़त की वो जानती थी के,

अल्लाह कमाल ए कुदरत

और कमाल ए हिकमत के मालिक है

वो देने वाले है

जिससे चचे जब चाहिए

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.