पसीना ए मुबारक – हदीस

0
153
Zulm aur gharoor ki saza
Quran
Islamic Palace App

Pasina E Mubarak – Hadees

पसीना ए मुबारक – हदीस

आपके रूखे अनवर पर पसीना के क़तरात मोतियों की तरह ढलकते थे.

और इसमें मुश्क व अनबर से बढ़कर खुशबू रहती थी.

चुनाचे हज़रत अनस रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु की वालिदा हज़रत बीबी उम्मे सुलैम रज़ि अल्लाहु तआला अन्हा की वालिदा हज़रत बीबी उम्मे सुलैम रदी अल्लाहु तआला अन्हा एक चमड़े का बिस्तर हुज़ूर (सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम) के लिए बिछा देती थी.

और आप उस पर दोपहर को कैलुला फरमाते थे.

और आप के जिस्म ए अथर के पसीने को वो एक शीशी में जमा फार्मा लेती थी.

फिर उसको अपनी खुशबू में मिला लिया करती थी.

चुनाचे हज़रत अनस रदी अल्लाहु तआला अन्हु ने वसीयत की थी की मेरी वफ़ात के बाद मेरे बदन और कफ़न में वही खुशबू लगायी जाये

जिसमे हुज़ूर ए अनवर सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम के जिसमे अथर का पसीना मिला हुआ है.

(बुखारी शरीफ, जिल्द : 2, सफ़ा: 626, बाबू मन ज़ारा कॉमन फ़ाक़ाल अदहम व बुखारी, जिल्द : 1, सफ़ा: 365, हदीसुल फाक)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.