हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश मुबारक

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HAZRAT MUHAMMAD SAW KI PAIDAISH MUBARAK
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HAZRAT MUHAMMAD SAW KI PAIDAISH MUBARAK

हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश मुबारक

कहा जाता है के जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पैदा हुए तो एक यहूदी आलिम, जो के मक्काः में रहता था,

उस ने पूछा, क्या आज तुम्हारे हाँ कोई बचा पैदा हुआ है?

तो लोगोँ ने कहा के हमे तो मालूम नहीं तो यहूदी ने कहा, मैं जो कहता हूँ वो अच्छी तरह सुनें लो,

आज इस उम्मत का आखरी पैग़म्बर जन्म ले चूका है.

और इस के मोंढे /शोल्डर के पास बतौर-ए-अलामत एक मुहर है, जिस में बहत ज़्यदा बाल होँगे.

लोग इस बात से बहुत हैरान हुए.

वापिस हुए तो मालूम हुआ के आज अब्दुल्लाह के हाँ लड़का पैदा हुआ है.

अब ये कुरैशी फिर उस यहूदी से मिले जो पहले ही बच्चे को देखने के लिए बेक़रार था.

तो कुरैशी उस को लेकर अब्दुल्लाह के हाँ पहुंचे और यहूदी ने हज़रात आमना से बच्चा मंगवाया.

आमना से बच्चे को कपड़े से बहार निकला, उन लोगोँ ने आप की कमर पीछे देख ली

और यहूदी को जैसे ही कमर पर ”मुहर-ए-नबूवत” नज़र ए तो ग़म और  है बत की वजह से बेहोश हो के गिर पड़ा.
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रिवायत है के जब हज़रात इब्राहिम (A.s) पैदा हुए तो हज़रत जिब्राइल ने आकर उन की नाफ काटी और उन के कान में अज़ान कही और फिर उन को सफेद/ कपड़ा पहनाया.

और जब फख्र-ए-दो जहाँ आप(सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पैदा हुए तो आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) खतना शुदा (circumcised) थे. और आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की नाफ काटी हुए थी.

और आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की आँखोँ में सुरमा लगा हुआ था और बदन-ए-अथर तमाम आलेशोँ से पाकीज़ह था.
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जब अब्दुल-मुत्तलिब ने अपना पोता (grandson) खतना-शुदा और नाफ कटा हुआ पाया तो बहुत खुश हुए और फ़रमाया, ‘मेरा ये बेटा निराली और बड़ी शान वाला होगा

और जब आप(सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पैदा हुए तो आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की मुठी बन्द थी और शहादत की ऊँगली आसमान की तरफ उठी हुए थी.

(गोया खुदा की वहदानियत का इक़रार कर रही है) सुब्हानल्लाह

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