हज़रत यूनुस का मछली के पेट से बहार आना

2
428
HAZRAT YOUNUS KA MACHLI K PAIT SE BAHAR ANA
HAZRAT YOUNUS KA MACHLI K PAIT SE BAHAR ANA
Islamic Palace App

HAZRAT YOUNUS KA MACHLI K PAIT SE BAHAR ANA

हज़रत यूनुस का मछली के पेट से बहार आना

“पूस अल्लाह की रेहमत से उन पर कददू की बैल उग्ग ए. अगर अल्लाह ऐसा न फरमाते तो वो लागहिर (weak) ही रहते”

अल्लाह के हुक्म से उस अज़ीम-उल-शान मछली ने यूनुस को मैदान (ground) में उगल दिया.

और वो इन्तहाई कमज़ोर और ला घर हालत में थे, वो ऐसे हो गए थे जैसे चूज़ा (chick) जिस पर अभी बाल न आये हूँ.

जब बच्चा पैदा होता है, उस वक़्त के बच्चे की तरह आप की हालत थी और बिलकुल धुनि हुए रूई (cotton) की तरह नरम और नाज़ुक थे.

और बदन पे कुछ न था, फार्मा ए इलाही है: “और हम ने उन पर कददू (pumpkin) का दरख्त उगा दिया”

ये कददू का दरख्त (means bail) थी. ये बैल आप पर उगाने में बहुत से बेनिफिट्स पेश-ए-नज़र थे.

एक तो इस के पत्ते (leaves) soft and ज़्यादा होते हैं, और इसका साया घाना होता है.

माखी’ यानी (flies) इस के पास नहीं भटकती. और इस का (fruit start) निकलने से आखिर तक खाया जाता है.

कच्चा भी और पक्का हुआ भी. इस के बीज (seeds) और छिलके (skin) भी खाने के क़ाबिल (edible) होते हैं.

और दिमाग़ की क़ुव्वत वगैरा भी हासिल होती है. अल्लाह तआला ने उन पर एक पहाड़ी बकरी को मुक़र्रर फार्मा दिया था,

जो जंगल से छोड़ कर आती और यूनुस को अपना दूध नोश कराती. और सुबह और शाम उसका यही मामूल था.

ये हज़रत यूनुस पे अल्लाह का एहसान, रेहमत और नैमत थी. इसी वजह से अल्लाह ने फ़रमाया:

(फिर हम ने उस की दुआ क़बूल कर ली और उसको ग़म से निजात दी) करब और तकलीफ और तंगी से उनको बच्चा लिए, जिस में वो पहले मुब्तला थे.

(सुब्हान’अल्लाह)

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

2 COMMENTS

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.