हज और उमराह में फ़र्क़,जानिए हदीश पढ़ कर शेयर जरुर करें

1
670
Hajj Aur Umrah Mein Fark
umrah
Islamic Palace App

Hajj Aur Umrah Mein Fark

हज और उमराह में फ़र्क़

1. उमराह छोटे हज को कहते हैं

2. हज फ़र्ज़ है, उमराह फ़र्ज़ नहीं। हज एक मुक़र्रह वक़्त पर होता है उमराह साल के किसी वक़्त भी सिवाए हज के पांच दिनों के 9 ज़िलहिज़्ज़ाह से 13 ज़िलहिजजा तक किया जा सकता है।

3. उमराह में सिर्फ एहराम बांधना, तवाफ़ करना, सफ़ा और मारवह के दर्मियान सही करना और हज़ामत बनवा कर एहराम खोल देना होता है

लेकिन हज में इन के अलवाह उकूफ़ अरफ़ात मुज़दलफा नमाज़ों को इकटठा करके पढ़ना, खत्ब: और तवाफ़े विदाअ भी शामिल है।

4. उमराह में तवाफ़ शुरू करते वक्त तल्बिया पढ़ना बंद हो जाता है और हज में जमरतुलू उक़बा की रमि शुरू करते वक़्त बंद हो जाता है।

5. अगर उमराह फ़ासिद हो जाए या हालते जनाबत में “तवाफ़” करे तो ख़ैरात के तौर पर एक बकरी ज़ब्ह करना काफी है लेकिन हज में काफ़ी नहीं।

6. हज और उमराह किसी दूसरे की तरफ़ से किये जा सकते है,

चाहे वह जिन्दा हो या फ़ौत हो चुके हों नियत करते वक़्त उन का नाम लेना होगा जिन की तरफ़ से किये जायेंगे।

Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace  को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया

 

1 COMMENT

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.