जुमा मुबारक़ कहना कैसा है?

2
341
juma mubarak kahna kaisa hai?
Jumma-Mubarak
Islamic Palace App

Juma mubarak kahna kaisa hai?

जुमा मुबारक़ कहना कैसा है?

1)मुस्तहब?

2)सुन्नत?

3)बिदअत?

4)सुन्नत या दीन समझ कर न कहा जाये तो मुबाह यानी जाइज़ है?

5)बचना बेहतर ?

जुमा का दिन बा बरकत है उस बरकत के इज़हार के लिए या बतौर दुआ मुसलमानो का बाहम एक दूसरे को जुमा मुबारक़ कहना या इस (का Sms भेजना) फी नफ़सीही- बज़ाहिर जाइज़ तो है,

मगर मुस्तक़िल- खास तौर पर जुमा के दिन का सरी जुज़्व-हिस्सा और रस्म बना लेने की गलती न हो जाये

(आज तो व्हाट्सप्प पर बाज़ लोगों ने रसम बना ली है) इसलिए बाज़ अहले इल्म ने मना किया है

(फक़्त व अल्लाहु आलम)

किसी काम के बारे में सुन्नत और बिदअत होने में शक हो तो उसे भी छोड़ देना बेहतर है

तो जिस काम के बारे में बिदअत और मुबाह- जाइज़ होने में शक हो और रस्म बन जाने का खतरा हो उस को तो बा तरीके आंवला छोड़ देना चाहिए।

बलके जिस काम में नफ़ा हो लेकिन नुक़सान का भी खतरा हो तो शरीअत ने नफ़ा हासिल करने के मुक़ाबले में नुक़सान से बचने को बेहतर कहा है।

(रस्मुल मुफ़्ती)

ये दो उसूल इख़्तियार कर लिए जाये तो तमाम ऐसे काम जिस के बिदअत और जाइज़ होने में इख़्तिलाफ़ है

उम्मत को उन शक वाले कामों से नजात मिल जाये।

बाज़ ममालिक में जुमा का दिन पता नहीं चलता तो उस की याद दिहानी के लिए जुमा मुबारक़ कहते है

उन को भी चाहिए के याद दिहानी के लिए जुमा मुबारक़ कहने के बजाये

जुमा की किसी सुन्नत की दावत दी जाये तो ये मक़सद भी हासिल हो जायेगा।

मसलन आज जुमा है मस्जिद जल्द पहुंचने की सुन्नत हम अदा करे, वग़ैरह।

(माखूज़ अज़ फतवा रहीमिया: 2/187)


Read More

हूज़ूर ने शब-ए-क़द्र की अहमियत बयान करते हुए फ़रमाया

रमज़ान का चाँद देखने की अहमियत


Follow Us

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें…

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब मुसलमान भाइयों को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल  नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये (आमीन)।

ISLAMIC PALACE को लाइक करने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। जिन्होंने लाइक नहीं किया तो वह इसी तरह की दीन और इस्लाम से जुड़ी हर अहम बातों से रूबरू होने के लिए हमारे इस पेज Islamic Palace को ज़रूर लाइक करें, और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शेयर के ज़रिये पहुंचाए। शुक्रिया


For More Msgs Click This Link
www.islamicpalace.in

बराये करम इस पैग़ाम को शेयर कीजिये अल्लाह आपको इसका अजर-ए-अज़ीम ज़रूर देगा
आमीन

►जज़ाकअल्लाह खैरन◄

PLEASE SHARE

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY