ज़िना क्या है? और क्या है ज़िना की सज़ा और अज़ाब?

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Zina Kya Hai Or Kya Hai Zina Ki Saza Or Azab
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Zina Kya Hai? Or Kya Hai Zina Ki Saza Or Azab?

ज़िना क्या है? और क्या है ज़िना की सज़ा और अज़ाब?

जवाब :अगर मर्द एक ऐसी औरत से सोहबत/ हमबिस्तरी करे जो उसकी बीवी नही है तो, ये ज़िना कहलाता है, ज़रूरी नही की साथ सोने को ही ज़िना कहते हैं, बल्की छूना भी ज़िना एक हिस्सा है और किसी पराई औरत को देखना आँखों का ज़िना है।

ज़िना को इस्लाम में एक बहुत बड़ा गुनाह माना गया है, और इस्लाम ने ऐसा करने वालो की सज़ा दुनिया में ही रखी है. और मरने के बाद अल्लाह इसकी सख्त सज़ा देगा।

ज़िना के बारे में कुछ हदीस और क़ुरान की आयत देखिये।हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम) ने फ़रमाया मोमिन (मुस्लिम) होते हुए तो कोई ज़िना कर ही नही सकता।

(Bukhari Sharif, Jild:3, Safa:614 Hadees:1714)

अल्लाह क़ुरान में फ़रमाता है और (देखो) ज़िना के पास भी ना जाना, बेशक वो बेहयाई है और बुरी राह है”

(Al-quraan : Al-Isra: A-32)

ज़िना की सज़ा और अज़ाब: अगर ज़िना करनेवाले शादी शुदा हो तो खुले मैदान में पत्थर मारमार कर मार डाला जाये और अगर कुंवारे हो तो 100 कोड़े मारे जाये।

(Bukhari Sharif Jild Safa:615/615 Hadees:1715)

आज कल देखने में आया है की इस गुनाह में बहोत से लोग शामिल हैं,खास करके उस बाज़ार मे जहां औरते और मर्द जाते है किसका हाथ किसको लग रहा हे कहा लग रहा हे कुछ मालुम नही होता, चाहे लड़का हो या लड़की.और फिर इस गुनाह को करने के बाद अपने दोस्तों को बड़ी शान से सुनाते हैं,

बल्कि उनको भी ऐसा करने की राय देते हैं। अगर कोई कुंवारा लड़का या लड़की कोई ग़लत काम करता है तो इसका गुनाह इसके माँ बाप को भी मिलता है क्योंकी

उन्होंने उनकी जल्दी शादी नही की जिसकी वजह से वो गलत काम करने लगे,

और शादी की उम्र होने के बाद भी माँ बाप उनकी शादी ना करे तो अल्लाह नाराज होजाता हे और उनके घर की बरकत

खत्म होजाती हे अल्लाह उन माँ बाप से क़यामत के दिन हिसाब मांगेगा

और एक जगह अल्लाह ने क़ुरान में फ़रमाया की पाक दामन लड़कियां, पाक दामन लड़को के लिए हैं,

इसका मतलब यह है की अगर आप अच्छी हैं तो अल्लाह आपको भी अच्छी बीवी या दूल्हा देगा और ख़राब हैं तो समझ लीजिये।

इंसान जो भी ग़लत काम करता है उसकी क़ीमत उसके बच्चो, माँ या बहन को इस दुनिया में ही चुकानी पड़ती है,

इमाम शाफ़ई रहमतुल्लाह कहते हैं के ज़िना एक क़र्ज़ है, अगर तू यह क़र्ज़ लेगा तो तेरे घर से यानी तेरी बहन बहु बेटी से वसूल किया जायेगा।

दोस्तों इस कबीरा गुनाह की और भी सज़ायें हैं, इसलिए खुद भी बचो और अपने दोस्तों को भी बचाओ,

आज आप यह पोस्ट अगर किसी 1 को भी शेयर करदें तो आप सोच भी नही सकते कितने लोग”अल्लाह” से तौबा कर लेंगे

हुज़ूर (सलल्लाहू अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया “बे नूर हो जाये उसका चेहरा जो कोई मेरी हदीस को सुन कर आगे न पोहचाए.

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